मम्मी की गांड चोदकर लाल कर दी
Mummy ki gand chudai sex story:- हाय दोस्तो कैसे हो? मेरी ये पहली कहानी है ध्यान से पढ़िएगा। मैं रॉकी गुजरात में रहने वाला हूँ। वहाँ मैं भरूच में रहता हूँ। मेरी एज है 23 साल। मैं कंप्यूटर इंजीनियर हूँ। मेरे घर में मेरे अलावा मेरे मम्मी-पापा और मेरी छोटी बहन रहती थी। पापा का नाम सुरेशभाई और मम्मी का नाम सुधा था। पापा की एज 46 की और मम्मी की एज थी 38 साल की। बहन शीतल 12वीं में पढ़ती थी। अब आपका टाइम न बिगाड़ते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूँ।
पापा एक बड़ी MNC कंपनी में मैनेजर थे और मम्मी हाउसवाइफ। घर पर हम सब खुश थे क्योंकि पापा की जॉब से हमें जिंदगी की सारी खुशियाँ मिल जाती थीं लेकिन कहते हैं ना कि आदमी चाहे जितना कमाए उतना कम था इसलिए पापा विदेश चले गए इससे भी अच्छी जॉब के लिए। घर पर अब मैं और मम्मी ही रहते थे। बहन सिर्फ वेकेशन में ही घर आती थी। मेरी और मम्मी की जिंदगी काफी अच्छी गुजर रही थी। पापा साल में सिर्फ चार बार ही घर आते थे। अब आपको बोर न करते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूँ।
Mummy ki gand chudai hindi sex story
मैं कंप्यूटर इंजीनियर था तो कंप्यूटर के बारे में मुझे सब नॉलेज था। मेरे पास एक लैपटॉप था और घर में एक पीसी और था जो कि मम्मी कभी-कभी चला लेती थीं। अरे मम्मी के बारे में तो मैं बताना ही भूल गया। मेरी मम्मी की एज थी 38 ईयर लेकिन वो लगती थीं 26 की जैसे विद्या बालन ही देख लो। मम्मी के बॉल की साइज होगी 36 की और गाँड की तो बात ही न पूछो यार। गाँड उनकी थी 40 की।
एक दिन की बात है मैं कॉलेज गया हुआ था और शहर में अचानक किसी हादसे की वजह से कर्फ्यू लग गया तो मैं एक ही घंटे में बगैर जाने के लिए वापस निकल गया। तब घर पर मम्मी सब काम निपटाकर नहाने की तैयारी कर रही थीं। जैसे ही मैं घर पहुँचा तो गर्मी की वजह से खूब थका हुआ था तो घर पहुँचकर सीधा बाथरूम की ओर जाने लगा। अचानक मैंने देखा कि बाथरूम का दरवाजा खुला ही है आधा और मम्मी अंदर नहा रही थीं तो मेरे मन में अचानक ज्वाला भड़क गया और मम्मी को नहाते देखने की इच्छा हो गई।
वैसे तो मैंने अपने लैपटॉप में सन-मॉम की कई पॉर्न फिल्में देखी हैं लेकिन वो आज के जमाने में ये सब देखना कुछ नई बात नहीं है लेकिन आज जो मैंने रियल सीन देखा तो हक्का-बक्का रह गया। मैंने चुपके से देखा तो मम्मी मेरी तरफ गाँड करके नहा रही थीं। क्या गाँड थी उनकी। मैं तो बस दुनिया की ऐसी की तैसी करके बस लगातार देखता ही रहा।
फिर अचानक मम्मी मुड़ने लगीं तो मैं जल्दी से वहाँ से भाग गया। अपने रूम में पहुँचकर मैंने उस दिन मेरी मॉम के नाम की 4 बार मुठ मार ली। अब मेरी भावनाएँ भड़क चुकी थीं। ये काम उतना आसान नहीं है कि जितना आप लोग अक्सर स्टोरीज में पढ़ते हैं।
थोड़े दिन के बाद गरबा आने वाले थे तो मम्मी ने अपने लिए तीन चनिया-चोली खरीद लीं। पापा तो घर पर थे नहीं तो मुझे ही मम्मी ने अपने साथ गरबे में घूमने के लिए बोल दिया। मेरा तो जैसे लॉटरी निकल गया। दो दिन लगातार मैं मॉम को गरबा खेलते ही देखता रहा। क्या गाँड हिला रही थीं मेरी मॉम। कसम से यार कोई भी साधु-बाबा हो सबका ईमान ये देखके भड़क ही जाए। ऐसे उछल-उछलके वो गरबा खेल रही थीं।
एक गरबा के पाँचवें दिन मम्मी के पैर में गरबा खेलते हुए कुछ खील जैसा लग गया तो वो चिल्ला पड़ीं। उनके पैर में मोच आ गई तो मैं तुरंत वहाँ जाके उनके पैर में से वो खील निकाल दिया और मम्मी को पास वाले क्लिनिक में ले जाके फर्स्ट एड की दवाई दिलवा दी। डॉक्टर ने मुझे कहा कि आपकी मम्मी को 3 दिन के लिए कुछ काम करने मत देना। मैं मम्मी को कंधे से पकड़कर घर ले आया। मम्मी ने चोली वैसे ही पहने हुए थीं और ज्यादा मोच के कारण वो हिल भी नहीं सकती थीं तो वो अनकम्फर्टेबल फील कर रही थीं।
फिर मैंने कहा—
रॉकी: मॉम प्लीज मैं आपकी कोई मदद कर दूँ अगर आपको कोई ऐतराज न हो तो।
मम्मी: नहीं बेटा ऐसी कुछ बात नहीं है। जा और मेरी अलमारी से कुर्ता और स्कर्ट ले आ।
तो मैंने तुरंत ऐसा किया। एक तरफ मॉम की हेल्थ की चिंता हो रही थी तो दूसरी तरफ मेरा ईमान मुझे जवाब दे रहा था। मैंने मन में नक्की किया कि जो होगा वो देखा जाएगा। फिर मैं मॉम के कपड़े ले आया और मॉम ने मुझे कहा—
मम्मी: बेटा उस तरफ मुँह करके मेरा नाड़ा खोल दे।
मैंने वैसा ही किया। अब नाड़ा खोलने के बाद मम्मी अपने आप चोली उतारने जा रही थीं तो वो दर्द की वजह से कर नहीं पा रही थीं। फिर आखिर में उनको मेरी हेल्प लेनी ही पड़ी। उन्होंने कहा—
मम्मी: अच्छा बेटा अब तू ही उतार दे।
मैंने तुरंत धीरे से उनका घाघरा उतारना चाहा। माशाल्लाह क्या गोरी-गोरी जाँघ थी मॉम की। मेरा तो टाइट होने लगा। अब मेरी नजर उनकी पैंटी पर पड़ी। लाल रंग की पैंटी देखकर मेरा लंड एकदम टाइट हो गया। अब मैंने उनका ब्लाउज भी उतार दिया। मॉम ने लाल ब्रा पहनी थी। वाओ क्या बॉल थे दोस्तो। ब्रा में कैद उनके बॉल जैसे कि ब्रा तोड़के बाहर आना चाहते हों।
मॉम को फिर मैंने कुर्ता और स्कर्ट पहना दिया। फिर मॉम बोलीं—
मम्मी: बेटा जरा आज तुम मेरे कमरे में सो जाना क्योंकि रात को शायद दवाई या पानी लेने के लिए जागना पड़े।
अब मॉम को दवाई का एक डोज दिया था तो उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। रात को दो बजे मम्मी ने अचानक मुझे जगाया और कहा—
मम्मी: बेटा मुझे जोर से पेशाब लगी है तो जरा मुझे टॉयलेट तक ले जा।
मैं उनके कंधे पर सहारा देकर उनको टॉयलेट के पास लाया। मम्मी को पैंटी कैसे निकाले उसकी चिंता होने लगी तो उन्होंने कहा—
मम्मी: बेटा ये काम भी तुझे ही करना पड़ेगा।
तो मैंने वैसा ही किया। आज मुझे अपनी फेवरिट गाँड देखने को मिलने वाली थी। मैंने धीरे से पैंटी को नीचे किया तो उनकी गाँड और चूत देखकर मैं तो पागल हो हो गया। अब मम्मी बैठके तो पेशाब कर नहीं सकतीं तो वो खड़े-खड़े ही पेशाब करने लगीं। उसकी धार पूरे पैरों पर लगी थी तो मॉम बोलीं—
मम्मी: बेटा जरा साफ तो कर दे।
मैंने तुरंत कॉटन लाके उनकी गाँड साफ करने लगा। मेरा हाथ उनकी चूत में भी थोड़ा टच करने लगा तो वो थोड़ी कसकसा गईं और ऊऊह्ह्ह करने लगीं। अब मुझे यकीन हो गया कि मॉम को भी कामवासना चढ़ गई है। मॉम जैसे ही मुड़ने लगीं तो नीचे पेशाब के कारण वो झटके के साथ गिरने लगीं तो मैंने ये वक्त पर उनको सँभाल लिया और उनको अपनी बाँहों में पकड़ लिया।
पापा से कई महीने न चुदवाने के कारण उनका सब्र भी जवाब दे गया। उनकी साँसें भी फूल गईं। ये देखके मुझमें भी हिम्मत आ गई और मैंने कहा—
रॉकी: मम्मी आप चिंता मत करो। मैं हूँ ना। आपको कुछ नहीं होने दूँगा।
ये कहते हुए उनको इमरान हाशमी की स्टाइल से उठाकर अपनी गोद में लेकर बेडरूम में आ गया। अब मॉम भी मेरे साथ थोड़ा खुल गई थीं। बेडरूम में आकर वो बोलीं—
मम्मी: बेटा जरा मेरे पीछे के साइड में पेशाब लगा है तो वो साफ कर दे ना।
फिर मैंने भी हँसी का माहौल बनाते हुए और मॉम को अपनी तरफ आकर्षित होते देख मौके पर चौका मारा—
रॉकी: मॉम पीछे यानी कहाँ???
मम्मी: अरे पगले पीछे..
रॉकी: समझ नहीं आ रहा तुझे? मैंने उनको चिढ़ाते हुए बोला— नहीं पीछे का कुछ नाम तो होगा ना..
मॉम भी मूड में थीं। वो बोलीं—
मम्मी: मेरी गाँड पे….
उनके मुँह से गाँड शब्द सुनते ही मेरा 8 इंच का लौड़ा पूरा तनाव में आ गया। मैं सोते हुए अंडरवियर नहीं पहनता तो मम्मी ने भी वहाँ नजर घुमाके देख ही लिया। अब मुझे ग्रीन सिग्नल मिल ही गया था तो मैंने मॉम से कहा—
रॉकी: मम्मी कैसे साफ करूँ कपड़े से या जीभ से…
ये सुनते ही मॉम भी बोलीं—
मम्मी: तुझे जिससे करना है उससे कर।
तो मैं भूखे शेर की तरह टूट पड़ा। मैंने मॉम से कहा—
रॉकी: मॉम आप उल्टा घूम जाइए।
अब मॉम ने वैसे ही किया। फिर मैं बोला—
रॉकी: मॉम मुझे आपके सारे कपड़े उतारने पड़ेंगे।
तो मॉम बोलीं—
मम्मी: उतार दे पगले ये तो कोई पूछने वाली बात है।
मैंने 1 मिनट में सारे कपड़े उतार लिए और मॉम की गाँड में धीरे से मुँह घुसा दिया। मॉम पीछे मुड़के सोई हुई थीं। उसकी रेशम जैसी गाँड किसी डनलप गद्दे जैसी थी एकदम सॉफ्ट-सॉफ्ट। मैंने उसके पैरों पर लगे पेशाब को धीरे-धीरे करके चाटने लगा। पहले मैंने उसके पैरों की उँगलियाँ चाट रहा था।
तो मॉम बोलीं—
मम्मी: बेटा तुम बड़े ही शरारती हो गए हो।
रॉकी: मैंने बोला— आपके देखके ज्यादा शरारत चढ़ी हुई है।
तो वो हँसने लगीं। फिर मैंने उनके थोंग तक चाटते रहा। मेरी गरम-गरम जीभ अजीब सा जादू कर रही थी। फिर आया मेरे फेवरिट गाँड की बारी। वैसे भी गुजराती औरतों की गाँड खमन-ढोकला-फाफड़ा खा-खाके पूरोटी की जैसे बढ़िया फूल जाती है। मैंने उनके पूरी गाँड को जी भरके चाटा, इतना चाटा इतना चाटा कि उनकी गाँड सूखने के बजाय फिर गीली हो गई।
रॉकी: मॉम मजा आ रहा है ना?
मम्मी: हाँ बेटा बहुत मजा आ रहा है।
रॉकी: ओके मॉम अब मैं थोड़ा काम है तो जा रहा हूँ दोस्तों के साथ खेलने।
(शरारती अंदाज में बोला)
मम्मी: नहीं बेटा तू चला जाएगा तो मेरी सेवा कौन करेगा। मत जा अपनी माँ को अकेला छोड़के।
रॉकी: ओके मॉम तो आज काम तमाम करके ही जाऊँगा।
मम्मी: (हँसते हुए) हाँ बेटा कर ले माँ की सेवा। इससे अच्छा मौका दूजा नहीं मिलेगा।
फिर मैं आगे बढ़ते हुए गाँड को दो हाथों में खूब मसला। माँ के मुँह से आआह्ह्ह उह्ह्ह ऊऊह्ह्ह की आवाजें निकलने लगीं। माँ की गाँड के दो तरफी हिस्सों को मैंने पकड़के फैलाया और उसके छेद को देखने लगा। वाओ ब्राउन छेद क्या दिख रहा था। फिर मैंने उसमें मुँह डालके सूँघने लगा। अभी-अभी लगे पेशाब के कारण अजीब नमकीन खुशबू आ रही थी। मैंने फिर उसमें अपनी जीभ डाली। जैसे ही जीभ अंदर गई वो बहक उठीं मचल उठीं। बोलीं—
मम्मी: बेटाआआ बस कर मार डालेगा क्या।
मैंने अपनी जीभ को जितना हो सके अंदर जाने दिया और इतना चूसा इतना चूसा कि क्या बताऊँ यार। मानो मैं जैसे पागल ही हो गया हो। ये सब करते-करते मैं पॉर्न फिल्मों की जैसे मॉम के गाँड पर जोर-जोर से चमात भी मारने लगा, और माँ की गाँड लाल हो गई।
मैं मॉम को उठाके किचन में ले गया और वहाँ बोला—
रॉकी: मॉम प्लीज आप घोड़ी बन जाइए।
उसने ऐसे ही किया। वहाँ प्लेटफॉर्म पर घोड़ी बन गईं। मैंने पास में फ्रिज था उसमें से बड़ा आइसक्रीम कप रखा था वो उठाया और बड़े चम्मच से मॉम के गाँड को आइसक्रीम से भर दिया फिर उसको धीरे-धीरे चाटने लगा।
मम्मी: बेटा सच बता तुझको मेरी गाँड इतनी अच्छी क्यों लगती है।
रॉकी: मॉम मुझको आपकी यही चीज सबसे अच्छी लगती है। मैं दीवाना हूँ तुम्हारी गाँड का।
मम्मी: बट बेटा तुम्हारी जीएफ भी तो होगी। उसकी गाँड ज्यादा अच्छी होगी ना मुझसे।
रॉकी: क्या मॉम आप भी। जब मैंगो सामने हो तो कोई चीकू क्यों खाएगा।
मम्मी: हा हा हा यू आर सच अ नॉटी बॉय।
रॉकी: वो तो मैं हूँ।
मम्मी: सच बता आज तक कितनों की गाँड देख चुका है तू।
रॉकी: (मॉम की गाँड चाटते-चाटते) मॉम मैंने आपके अलावा अपनी पूजा मौसी और आपकी तीन सहेलियों की गाँड देख चुका हूँ।
मम्मी: ओह माय गॉड तू तो बड़ा ही निकम्मा निकला।
रॉकी: थैंक्स।
मम्मी: ओके बेटा ये सब में तू पहला नंबर किसे देगा?
रॉकी: ऑफकोर्स मॉम आपको।
मम्मी: वो क्यों?
रॉकी: क्या मॉम आपकी जैसी सफेद और उभरी हुई इतनी मुलायम गाँड शायद ही किसी की होंगी।
मम्मी: (ये सुनके जोश में आ गईं और पीछे हाथ करते मेरा सिर और ज्यादा अंदर डाल दिया।)
अब मॉम को मैंने प्लेटफॉर्म से नीचे उतारके एक पैर नीचे रखा और दूसरा प्लेटफॉर्म पर ही रखा। पर माँ बोलीं—
मम्मी: अभी नहीं। अभी मैं थक गई हूँ। थोड़ा फ्रेश हो जाते हैं। मैं चाय बना दूँ।
रॉकी: आप चाय बनाओ। मैं मेरा काम करता हूँ।
और माँ वहाँ नंगी होकर ही चाय बना रही थीं और मैं उनके पीछे खड़ा था और उनको पीछे से पकड़े हुए था।
मम्मी: इतना प्यार आ रहा है आज।
रॉकी: हाँ आज मुझको जन्नत जो मिली है।
मम्मी: तो तुम्हारी शादी हो जाएगी बाद में क्या?
रॉकी: मैं कौन सा पराया हूँ। अब तो मुझे लाइसेंस भी मिल गया है।
रॉकी: एक किस करने दो ना।
मम्मी: अरे काम करने दे ना पागल।
रॉकी: प्लीज मॉम एक बार।
मम्मी: ओके मेरे राजा कर ले अपनी ख्वाहिश पूरी।
मैंने मॉम को अच्छे से पकड़ा और बहुत ही लंबा किस लेने लगा।
मम्मी: ओह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह।
रॉकी: माँ I love you।
मम्मी: I love you बेटा।
मॉम को मैंने अच्छे से चूमा-चाटा स्मूच किया फिर उनको पूरा नंगा कर दिया। तभी माँ ने कहा—
मम्मी: रुक मुझे टट्टी करने जाना है।
मैंने कहा—
रॉकी: नहीं आप नहीं जा सकतीं।
माँ अजीब तरह से मुझको देखके बोलीं—
मम्मी: भला मैं क्यों नहीं जा सकती।
तो मैंने कहा—
रॉकी: अरे मेरे होते हुए आप अकेले कैसे जा सकती हो।
माँ बोलीं—
मम्मी: बड़ा शैतान हो गया है तू साले।
मैंने कहा—
रॉकी: वो तो मैं हूँ।
फिर मैं माँ को गोद में उठाके टॉयलेट ले गया और कमोड पर बिठा दिया और मैं वहाँ खड़ा होकर उनको टट्टी करते देखने लगा। फिर माँ टट्टी करके जब हाथ में पानी का पाइप लेकर गाँड धोने लगीं तब मैंने उनके हाथ से पाइप ले लिया और बोला—
रॉकी: नहीं माँ आज आपका बेटा आपकी गाँड धुलाएगा।
फिर मैंने उनकी गाँड फुव्वारे से अच्छे से धो डाली। बाद में उनको उठाके अच्छे से टॉवल से साफ किया। माँ बोलीं—
मम्मी: एक काम करते हैं। मुझे थोड़ा सिर दर्द कर रहा है सो हम कड़क चाय बनाके पी लेते हैं दोनों।
ऐसा बोलके वो कपड़े पहनने आगे बढ़ीं तो मैंने उनको रोका और उनके बूब्स सहलाते हुए उनको ऐसे ही चाय बनाने भेज दिया। माँ किचन में नंगी ही चाय बना रही थीं सो मैंने भी देर न करते हुए उनके पीछे गया और नीचे बैठके पहले उनके पैर चाटे फिर उनकी चूत चाटने लगा। माँ बहुत कसकसा रही थीं। और वो ऊऊह्ह आआह्ह आवाज निकाल रही थीं। जब उनसे रहा नहीं गया तो उन्होंने मुझको खड़ा करके बहुत लंबा किस लिया।
फिर हम चाय पीके मैंने उनको वहाँ पर ही किचन के प्लेटफॉर्म पर चढ़ा दिया और अच्छे से फिर से चूत चाटी। अब बारी थी लौड़े की। मैंने कब से खड़ा मेरा लंड उनकी चूत में डालने लगा। माँ बोलीं—
मम्मी: अरे बाप रे ऐसा तो तुम्हारे बापूजी का भी नहीं है।
फिर धीरे से अंदर-बाहर करने लगा। क्या बताऊँ दोस्तो कितना मजा आ रहा था। माँ ऊऊह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह धीरेeeee ऐसा बोल रही थीं बट मैं आज पागल सा हो गया था। फिर मैंने माँ को वहाँ पर ही प्लेटफॉर्म पर एक टाँग और एक टाँग जमीन पर रखकर चोदने लगा। कसम से दोस्तो माँ की चुदाई में जो आनंद है वो कहीं और नहीं है।
मम्मी: अबे साले कहाँ से सीखा ये सब तू तो मर्द है मर्द पक्का।
रॉकी: अरे माँ ये सब मैं आपको और पापा को चोदते हुए देखके ही सीखा हूँ।
मम्मी: अबे तू तो कमीना निकला। कब से देख रहा था ये सब।
रॉकी: जब से 8th स्टैंडर्ड में था तबसे।
मम्मी: बड़ा ही नालायक सा है बे तू। और चोद अपनी माँ को मिटा दे सारी आग।
मैं और जोर से झटके मारते हुए बोला—
रॉकी: अरे माँ आपको मेरे साथ मजा आया कि पापा के साथ मजा आता था।
तब माँ बोलीं—
मम्मी: तुम्हारी जैसी चुदाई और चूत चटायी आज तक तुम्हारे पापा ने नहीं की है।
मैं बड़ा ही खुश होकर ये ले ये ले करके उनके पेट में डीपली लंड घुसाते चला जा रहा था। बाद में माँ बोलीं—
मम्मी: मुझे पेशाब जाना है।
मैंने कहा—
रॉकी: मेरे मुँह में कर लो।
वो बोलीं—
मम्मी: धत्त साले ऐसा नहीं होता।
बट मैंने उनको अच्छे से समझाया। वो रेडी हो गईं। फिर मैंने उनकी चूत पर मुँह रखा और सारा मूत पी गया। सेम ऐसे ही मेरे माँ को मेरा मूत पिलाया। बड़ा मजा आया।
मम्मी: सच बता तुमने मुझको पहले कब नंगा देखा था?
रॉकी: जब आप गरबा खेलने जाने वाली थीं उस दिन आप अपनी चनिया-चोली पहन रही थीं तब दरवाजा गलती से आधा खुला था। मैं वहाँ से गुजर रहा था तभी मैंने आपको अचानक नंगा देखा और वहाँ पर ही खड़ा होकर आपको देखने लगा।
मम्मी: वाह मेरे शेर तू तो काफी एडवांस निकला।
रॉकी: (आँख मारते हुए) आखिर बेटा किसका हूँ।
मम्मी: लेकिन एक बात बता तुमको मुझ जैसी औरत क्यों पसंद आई। तुमको तो अच्छी जवान लड़की मिल सकती थी ना।
रॉकी: मॉम आप जैसी एक्सपीरियंस औरत में जो मजा है वो वो सब पतली सी लड़कियों में कहाँ। सच-सच बता मॉम मजा आया ना चुदाई में।
मम्मी: बेटा सच बताऊँ मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खुद के लड़के से ही चुदवाऊँगी। बट जाने दे जो हो गया वो हो गया। मजे लेते रहें।
मैंने मॉम को फिर से पकड़के गले लगा दिया और उनके बड़े से खरबूजे जैसे बूब्स को जोर-जोर से दबाके चूसने लगा।
मम्मी: सारा माल आज एकसाथ ही निकाल देगा क्या बेटा?
रॉकी: हाँ माँ तुमने मुझको पागल कर दिया है।
मम्मी: अरे मेरे बीच आ आ जो चाहे वो कर।
रॉकी: मॉम आपको कौन सी स्टाइल में ज्यादा सेक्स करना अच्छा लगता है?
मम्मी: मुझको सबसे ज्यादा डॉगी स्टाइल पसंद है।
रॉकी: वाह मेरे को भी यही पोजिशन में चुदाई करना अच्छा लगता है।
मम्मी: वो क्यों भला?
रॉकी: क्योंकि उसमें आपकी बड़ी सी और मेरी सबसे ज्यादा फेवरिट गाँड मेरे सामने होती है सो।
बाद में माँ को लेकर मैं स्विमिंग पूल में गया। वहाँ पर भी मैंने उनकी पानी में चुदाई की। आज एक दिन में मैंने माँ को 6 बार चोदा।

Mummy sahi me sabse adhik maja deti hai
Tumne choda h apni mammy ko