भाभी की चूत और गांड चोदी 1
Bhabhi ki chut aur gand chudai story:- हाय फ्रेंड मेरा नाम प्रियंका है। मैं फिर से अपनी एक और कहानी लेकर आई हूँ। उम्मीद है आप सबने मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ी होंगी। मुझे मेरी पिछली कहानियों को लेकर काफी मेल भी आए, लड़कियों और लड़कों दोनों की तरफ से। ये कहानी मेरे एक viewer ने भेजी है तो अब आगे की कहानी उसी की जुबानी।
मेरा नाम आदी है और मेरी उम्र 23 साल है। मैं जम्मू से हूँ। मैं कोई इतना हैंडसम या जिम बॉडी वाला इंसान नहीं हूँ। मैं सिर्फ एक औसत अच्छा दिखने वाला लड़का हूँ। मेरी हाइट 5’9 है और मेरे लंड का साइज 6+ है। बाकी तो करने पर निर्भर करता है।
Bhabhi ki chut aur gand chudai hindi sex story
दोस्तों, ये कहानी शुरू में आपको थोड़ी बोरिंग लग सकती है, लेकिन आपको पता चल जाएगा कि ये सब शुरू कैसे हुआ।
अब मेरी कहानी पर आते हैं। ये कहानी मेरी और मेरी एक भाभी के बारे में है, जो पहले हमारे घर के पास ही रहती थी। अब वो यहाँ से शिफ्ट होकर पंजाब चली गई हैं।
ये कहानी आज से 3 साल पहले की है, जब मैं अपने कॉलेज में था। मेरे घर के साथ ही एक फैमिली रहती थी। उसमें अंकल-आंटी, उनके दो बेटे और बड़े बेटे की वाइफ निशा रहती थीं।
उनकी शादी को लगभग 2 साल हो चुके थे। पहले मैं आपको भाभी के बारे में बता दूँ। वो पंजाब से थीं और पंजाबन तो होती ही सुंदर हैं। उनकी हाइट 5+ थी और वो फेयर स्किन की भरी हुई औरत थीं। उनका फिगर 34-30-32 था, जो कि बाद में मुझे पता चला।
हमारी उनकी फैमिली के साथ अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी। हम काफी सालों से साथ में रह रहे थे। मैंने पहले कभी उन पर ऐसे ध्यान नहीं दिया क्योंकि मैं अपनी स्टडी और जो उस समय गर्लफ्रेंड थी, उसके साथ खुश था। लेकिन उस समय मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी। असल में उसकी शादी हो गई थी। उसके बारे में फिर कभी बताऊँगा।
अब वापस कहानी पर। भाभी से कभी मैंने इतनी बात भी नहीं की थी। सिर्फ नमस्ते या फिर कुछ काम हो तो उतनी ही बात होती थी।
उनकी फैमिली में अंकल जॉब करते थे, आंटी घर पर थीं, भैया किसी शॉप पर काम करते थे और उनका भाई दिल्ली में पढ़ रहा था। भाभी जॉब के लिए एग्जाम की तैयारी कर रही थीं।
ऐसे एक दिन शाम की बात है। घर पर कॉल आई और पता चला कि पापा के मामू की डेथ हो गई है और उनको वहाँ जाना था। लेकिन मैं नहीं जा सकता था क्योंकि तब मेरे एग्जाम स्टार्ट थे।
तो मम्मी ने साथ में आंटी से कहा कि डेथ हो गई है तो हम जा रहे हैं, लेकिन मैं नहीं जाऊँगा और उन्हें आने में 3-4 दिन लग जाएँगे। ऐसे ही शाम को फिर मम्मी-पापा घर से कार में चले गए पंजाब।
पीछे मेरा खाना-पीना आंटी के घर से ही आता था। पहला दिन तो निकल गया। दूसरे दिन शाम को भैया मेरे घर आए और उन्होंने कहा—
भैया: तेरे घर पर कोई नहीं है तो पार्टी करते हैं।
मेरी उनसे अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी। फिर भैया मार्केट से एक बोतल रॉयल स्टैग और चिकन ले आए। हमने साथ में खाया-पिया। और ऐसे भैया ने बताया कि कल वो लोग शादी में दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन भाभी नहीं जाएँगी क्योंकि उनका एग्जाम है किसी बैंक का।
भैया के जाने के बाद आंटी ने भी मुझे ये बात बताई। सुबह वो लोग जब जा रहे थे तो उन्होंने मुझे बोला—
आंटी: भाभी तुझे खाना दे देगी और तू रात को हमारे घर ही सो जाना।
मैंने भी ओके कहा और वो लोग चले गए।
दिन तो ऐसे ही निकल गया, लेकिन रात को मैंने खाने के लिए भाभी को मना कर दिया क्योंकि मैंने अपने लिए चिकन और पिछली रात की हाफ बोतल दारू बचाई थी। मैंने भाभी को कहा—
मै: मैं खाना नहीं खाऊँगा।
निशा: आज भी पार्टी करोगे तुम?
ये सुनके मैं थोड़ा शॉक हो गया। उन्होंने हँसते हुए कहा—
निशा: कोई बात नहीं, मुझे सब पता है कि तुम ड्रिंक करते हो और रात को भैया ने तुम्हारे साथ ही ड्रिंक की थी।
उसके बाद मैं अपने घर आ गया और आकर फ्रेश होकर 2 पेग मार लिए और टीवी देखने लगा। 10 बजे रात को भाभी आईं और उन्होंने कहा—
निशा: अगर तुम्हारी पार्टी हो गई हो तो सोने आ जाओ।
मैंने उन्हें मना कर दिया—
मै: मुझे अपने घर पर ही सोना है। मुझे कहीं और नींद नहीं आती। अगर आपको प्रॉब्लम नहीं हो तो आप यहाँ आ जाओ।
निशा: मैं नाइट ड्रेस में ऐसे अपने घर से चलके तुम्हारे घर कैसे आ सकती हूँ?
मै: आप अपने कपड़े यहीं ले आओ और यहीं चेंज कर लेना।
भाभी ने पहले कुछ सोचा, फिर ठीक है कहके चली गईं। मैंने भी उनके आने तक एक पेग और मार लिया। जब भाभी आईं तो उनके हाथ में बुक्स और एक छोटे बैग में कपड़े थे।
मैंने उन्हें मम्मी-पापा वाले रूम में सोने को कह दिया और खुद लॉबी में ही सोने का फाइनल किया क्योंकि टीवी वहीं है। तो पहले वो मेरे पास बैठके मेरी स्टडी के बारे में बात की। उसके बाद वो बाथरूम में चेंज करने चली गईं। और जब वो चेंज करके आईं तो मैं उन्हें वैसे देखता ही रह गया।
उन्होंने पर्पल कलर में सिल्क की शर्ट और ट्राउजर वाली टाइट पहनी थी। शर्ट उनके बूब्स से टाइट थी। उसमें उनके बूब्स के शेप का पता चल रहा था। 1 मिनट तक मैं उन्हें ऐसे ही देखता रहा।
उसके बाद उन्होंने मुझे आवाज लगाई—
निशा: आदी…
मैं एकदम से होश में आया और थोड़ा घबरा भी गया।
निशा: कहाँ खो गया है?
मै: कहीं नहीं, बस ऐसे ही आपको पहली बार ऐसे देखा।
फिर मैंने बात चेंज करके कहा—
मै: आप बहुत सुंदर लग रही हो।
निशा: क्यों? पहले कभी नहीं लगी सुंदर?
मै: नहीं, ऐसा नहीं है। बस कभी मौका नहीं मिला।
उन्होंने हँसते हुए कहा—
निशा: चल पागल कहीं का, जल्दी से अपना काम खत्म कर और सो जा।
और वो रूम में चली गईं। मैंने उन्हें कहा—
मै: दरवाजा बंद कर लो। मैं अभी टीवी देखूँगा तो आप डिस्टर्ब हो जाओगी।
तो उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया, लेकिन लॉक नहीं किया था। ऐसे टीवी देखते-देखते मैंने सारी दारू खत्म कर दी। मैंने जब टाइम देखा तो रात के एक बज रहे थे और भाभी की रूम की लाइट ऑन थी।
मैंने धीरे से उनके रूम का दरवाजा ओपन किया तो देखा कि वो ऐसे ही पढ़ते-पढ़ते सो गई हैं। मैंने पास से जाके उनकी बुक उठाके साइड पर रखी और चादर उन पर दे दी। लेकिन दोस्तों, वो सोती हुई कमाल की लग रही थीं। मन कर रहा था कि काश ये मेरी गर्लफ्रेंड होती तो मजा ही आ जाता। मैं तो उनकी ब्यूटी में खो ही गया था।
फिर मैंने खुद को संभाला। उन्होंने एक साथ दो पिलो लिए थे। मैंने धीरे से एक पिलो निकालने की कोशिश की। जैसे मैंने पिलो निकाला, उसके नीचे से कुछ नीचे गिरा। जब मैंने देखा तो वो भाभी की क्रीम कलर की ब्रा थी।
मैंने उसे उठाके अपने नाक से लगाया तो उसमें से बड़ी मस्त खुशबू आ रही थी। और मुझे पता भी नहीं चला कि कब मेरा लंड ट्राउजर में तंबू बन गया। फिर जब मैंने ध्यान दिया तो मैंने उनकी ब्रा वहीं उनकी साइड में रख दी और बाहर आकर दरवाजा ऐसे बंद कर दिया।
लेकिन मुझे शराब के नशे ने और भाभी की खूबसूरती ने पागल कर दिया था। मेरा मन मुठ मारने का होने लगा। तो मैंने अपने रूम से पॉर्न वाली डीवीडी लाके टीवी से कनेक्ट कर दी और म्यूट करके बेड पर बैठके देखने लगा।
ऐसे ही थोड़ी देर बाद मैं अपना लंड निकालके उसे मसलने लगा। ऐसे ही करते-करते मैं फिर बाथरूम में जाके मुठ मारके सो गया। सुबह जब आँख खुली तो 9 बज चुके थे।
मैंने देखा कि भाभी किचन में बर्तन साफ कर रही थीं तो मैंने उन्हें मना किया, लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी। फिर मैं फ्रेश होकर बाहर घूमने चला गया। और भाभी को मैंने बताया—
मै: मैं जा रहा हूँ।
निशा: कब तक आएगा?
मै: 2-3 घंटे बाद आऊँगा।
निशा: ठीक है। तू हो आ, तब तक मैं अपने घर की भी सफाई कर लेती हूँ और नहा-धो भी लूँगी।
मैं चला गया। जब मैं वापस आया तो देखा कि मेरे घर का दरवाजा खुला ही है। तो मैंने सोचा कि भाभी अपने घर पर काम खत्म करके आ गई होंगी। मैंने डोर बेल बजाई तो कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। 2 मिनट बाद मैंने फिर बेल बजाई। उसके 2 मिनट बाद भाभी ने डोर ओपन किया। जब मैंने उन्हें देखा तो वो घबराई हुई थीं और उनके चेहरे पर डर दिख रहा था।
मै: भाभी क्या हुआ?
निशा: कुछ नहीं, बस काम कर रही थी तो बेल की आवाज सुनके घबरा गई।
पहले मुझे यकीन नहीं हुआ, लेकिन मैंने मान लिया। मैं अंदर आकर बैठ गया।
निशा: मैं तुम्हारे यहाँ ही नहा लेती हूँ।
मै: आप अभी तक नहीं नहाए?
निशा: काम में टाइम लग गया।
लेकिन अब भाभी का अंदाज कुछ चेंज हो गया था। वो कुछ ज्यादा हँस रही थीं और शर्मा रही थीं। वो अपने घर जाके कपड़े ले आईं। फिर वो नहाने चली गईं। करीब 1 घंटे बाद वो बाहर आईं। उनके बाल भीगे हुए थे और उन्होंने व्हाइट कुर्ती और व्हाइट पजामा डाला था। जैसे मैंने उनकी तरफ देखा तो बस देखता ही रह गया।
क्या कमाल की अप्सरा लग रही थीं। उनके बाल भीगे होने की वजह से उनकी कुर्ती भी भीग चुकी थी। मैंने जब ध्यान दिया तो उन्होंने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। कुर्ती गीली होने की वजह से उनके बूब्स और निप्पल साफ दिख रहे थे। ना जाने मैं कब से उन्हें ऐसे ही देख रहा था।
उन्होंने मुझे आवाज लगाई और कहा—
निशा: फिर से खो गया तू?
मै: नहीं।
और शर्म के मारे आँखें नीचे कर लीं। भाभी शायद समझ गईं। उन्होंने कहा—
निशा: तू तो काफी बड़ा हो गया है, बिल्कुल अपने भैया की तरह।
ये कहते ही उनके चेहरे पर एक नॉटी स्माइल आ गई। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है।
उसके बाद भाभी ने खाना बनाया और हमने साथ में खाया। दिन में हमारी ऐसी नॉर्मल बातें होती रहीं, लेकिन भाभी की हरकतें अब चेंज हो गई थीं। कुछ वो बात-बात पर मुझे टच कर रही थीं और बार-बार झुक रही थीं, जिससे मुझे उनके बूब्स दिखाई देते। और भाभी को पता था कि मैं देख रहा हूँ, लेकिन मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि ये हो क्या रहा है।
शाम को 7 बजे मैंने भाभी से पूछा—
मै: अभी क्या बनाओगी?
निशा: मेरा कुछ बनाने का मन नहीं है।
मै: तो क्या खाना है फिर?
निशा: अगर तू किसी को बताएगा नहीं तो बताऊँगी।
मैंने उन्हें ओके कहा।
निशा: वो चिकन खाना चाहती हूँ।
मै: इसमें डरने वाला क्या है?
निशा: नहीं, उन्हें उसके साथ कुछ और भी चाहिए।
मै: क्या?
तो उन्होंने शरमाते हुए कहा—
निशा: मुझे ड्रिंक भी करनी है।
पहले मैं शॉक हो गया।
मै: भाभी आप ये क्या कह रही हो?
निशा: सही सुना तूने। मेरा ड्रिंक करने का मन है। तू प्लीज किसी को बताना मत।
मै: ठीक है।
मैं जब जाने लगा तो उन्होंने कहा—
निशा: आदी तू सिगरेट भी ले आना।
ये सुनके तो मुझे और भी शॉक लगा। फिर मैं जाके सब सामान ले आया।
शुरू करने से पहले भाभी ने कहा—
निशा: मैं अपने कपड़े ले आती हूँ रात को सोने के लिए।
और वो अपने घर चली गईं। उनके आने तक मैंने पानी, आइस, सोडा सब सेट कर दिए। और मेरे मन में खुशी और बेचैनी सब एक साथ हो रही थी।
थोड़ी देर में भाभी वापस आ गईं। मैंने उन्हें कहा—
मै: चेंज कर लो।
निशा: अभी नहीं, बाद में करूँगी।
फिर हम बैठ गए सोफे पर और वो मेरे सामने बैठी थीं। उन्होंने मुझे बता दिया था कि उनका ये फर्स्ट टाइम है।
तो मैंने पहले दो स्मॉल पेग बनाए। पहले भाभी ने उसे स्मेल किया, लेकिन उसकी स्मेल उन्हें अच्छी लगी क्योंकि मैं मैजिक मोमेंट एप्पल फ्लेवर लाया था। लेकिन जैसे उन्होंने उसे टेस्ट किया, उन्होंने छी कहते हुए ग्लास टेबल पर रख दिया।
निशा: तुम कैसे पीते हो? इसका टेस्ट तो बहुत कड़वा है।
फिर मैंने उन्हें समझाया—
मै: पहली बार लगता है। और जब आप एक-दो पेग मार लोगे तो आपको अच्छा लगेगा।
फिर उन्होंने उसे उठाया और एक ही सिप में खत्म कर दिया। ऐसे ही करते-करते हमने 3-3 पेग मार लिए थे।
अब उनकी आँखें लाल हो चुकी थीं। साफ दिख रहा था कि उन्हें नशा हो गया है। अब उन्होंने सिगरेट माँगी मेरे से। उसे खुद ही जला भी लिया। वो सिगरेट के कश मारने लगीं जैसे कोई प्रो। मैंने उन्हें पूछा—
मै: आपने सिगरेट पी है पहले?
निशा: कॉलेज टाइम में पिया करती थी।
पढ़ते रहिए, क्योंकि ये कहानी अभी जारी रहेगी।

nice
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