बड़ी माँ की प्यासी चूत 1

Badi maa ki pyasi chut chudai:- मैं राज आपका फिर से स्वागत करता हूँ देसी कहानी की साइट पर। उम्मीद है आप सभी अच्छे होंगे और अपनी सेक्स लाइफ एंजॉय कर रहे होंगे। आप मुझे अपनी फीडबैक जरूर भेजा करें। इससे हमें हौसला मिलता है।

आप सभी के जो मेल आ भी रहे हैं, उसके लिए आपका थैंक्स। यूँ ही आप हमसे बात करते रहें। बहुत लोगों ने मुझसे पूछा है कि क्या मैंने सिर्फ माँ समान चाची को ही चोदा है परिवार में, या किसी और को भी।

Badi maa ki pyasi chut chudai kahani

तो मैं आपको बताता हूँ अपने सेक्स के वो पल। आप इसको अपने रिलेटिव्स के बारे में सोचकर पढ़ेंगे तो आपको और अधिक मजा आएगा। और आप अपनी चूत और लंड को अच्छे से शांत कर पाएँगे।

जैसा आप सभी जानते हैं कि मेरी उम्र अब 28 हो चुकी है, और मैं एक अच्छे लंड का मालिक हूँ, जो कि 7 इंच लंबा और काफी मोटा है। इसके अलावा मुझे लंबा चोदने का अनुभव है।

ये कोई झूठ बात नहीं है। क्योंकि मैंने बहुत लड़कियों और औरतों से सुन लिया है कि मेरे लंड का साइज तो थिक है ही और मैं चोदता भी बहुत मस्त हूँ। और आज तक मैं 35 लेडीज, 20 के पास गर्ल्स और 100 के पास सेक्स वर्कर्स के साथ सेक्स कर चुका हूँ।

अब ज्यादा लंबी बात को न खींचते हुए आपको ले चलता हूँ चूत और लंड की दुनिया में।

जैसे आप सभी ने मेरी पिछली स्टोरी “माँ समान जैसी चाची को चोदा” को पढ़ा होगा। तो आपको पता ही होगा कि मैंने कैसे उनके जिस्म और चूत की आग को अपने लंड से शांत किया।

अब मैं अपनी चाची शीला को जब भी मौका मिलता, तो उनकी चूत को अपने कड़क लंड से अच्छे से पेलता था। लेकिन चाची ने कभी मुझे अपनी गाँड नहीं मारने दी थी। बस मैं उनकी गाँड में उँगली ही डाल पाता था, जब भी मैं उनके साथ सेक्स करता था।

एक दिन मैंने चाची की गाँड मारने के लिए प्लान बनाया कि जब तक मुझे चाची गाँड नहीं चोदने देती, तब तक मैं उनकी चूत भी नहीं चोदूँगा। और मेरा ये प्लान वर्क भी कर गया।

2 दिन बाद चाची अपने आप मुझसे बोलीं—

शीला: क्या बात है मेरे पतिदेव। आपको अपनी इस शीला चाची की चूत की याद नहीं आती?

फिर मैंने उन्हें कहा—

मै: शीला मेरी जान, तेरी चूत की याद तो मुझे हर पल तड़पाती है, लेकिन उससे भी ज्यादा मुझे आजकल तेरी गाँड तड़पा रही है। और मैंने सोच लिया है कि जब तक तुम मुझे तेरी गाँड के छेद में अपना लंड नहीं डालने देती, तब तक मैं तुझे चूत वाली जगह भी नहीं चोदूँगा।

तो चाची बोलीं—

शीला: सब कुछ तेरा ही तो है मेरे बेटे। तेरे लंड के दिए दिन ही हैं, वरना मेरी जवानी तो यूँ ही बेकार जा रही थी। सच पूछो तो तुम मेरे दूसरे पति हो, जिसने मुझे दोबारा सेक्स का मजा लेना सिखाया है। और मेरी चूत की सारी गर्मी अपने इस मस्त लंड से शांत की।

इतनी बात होने के बाद मैं चाची को अंदर वाले रूम में ले गया, क्योंकि दिन में बाहर वाले कमरे ओपन में खुले थे, तो कोई भी हमें वहाँ देख सकता था।

और चाची के दोनों बच्चे अब स्कूल गए थे। तो इससे अच्छा मौका मिलना नहीं था चाची की गाँड को फाड़ने का। फिर मैंने चाची की गाँड करीब 20 मिनट तक मारी। चाची को बहुत दर्द सहन करना पड़ा, तब जाके उसकी गाँड मारने में कामयाब रहा।

और जिसने गाँड मारी है, या फिर जिस भी सेक्सी लेडी ने गाँड मरवाई है, उनको पता ही है कि फर्स्ट टाइम गाँड मारते टाइम और मरवाते टाइम कितना दर्द होता है।

तो जब मैं चाची की गाँड चोद रहा था, तो मुझे कुछ शक हुआ कि कोई चाची और मेरी चुदाई को देख रहा था दरवाजे में से। लेकिन मैंने चाची की गाँड चोदना जारी रखा। मैंने 30 मिनट तक आराम-आराम से, और कभी तेज-तेज चाची की गाँड को खूब चोदा। मुझे बहुत मजा भी आया, एक्चुअली हम दोनों को मजा आया।

लेकिन मेरा पूरा ध्यान उस बाहर वाले दरवाजे पर था। मैंने चाची को इशारा किया तो चाची भी समझ गईं, और वो यूँ ही एक्टिंग करती रहीं, जैसे मेरा माल अभी भी मेरे लंड में ही था। फिर मैं बेड के नीचे उतरा, और दरवाजे की तरफ भागा। तो बाहर वाला पर्सन वापस जाने लगा।

फिर मैंने छेद से देखा, तो ये कोई और नहीं मेरी बड़ी माँ (ताई) थीं। मेरे होश उड़ गए उन्हें देखकर। फिर कुछ देर बाद चाची मेरे पास आईं और बोलीं—

शीला: क्या हुआ राज? कौन है?

मै: बड़ी… बड़ी…

मेरे होंठ सही से बोल नहीं पा रहे थे, और बड़ी मुश्किल से मैं बड़ी माँ बोल पाया। चाची की शक्ल देखने लायक थी, और साथ में मेरी। 2 मिनट कोई कुछ नहीं बोला। फिर मैं चाची से बोला—

मै: अब क्या होगा चाची जी? बड़ी माँ ने सब कुछ देख लिया है, कि कैसे मैं आपकी गाँड को चोद रहा हूँ, और कैसे मेरी चाची मेरे लंड से गाँड मरवाके मजे ले रही हैं।

शीला: राज एक बात है, जो गाँड मरवाते टाइम मुझे दर्द हुआ था, और उसके बाद जो मजा आया था, मैं उससे अच्छा कुछ फील नहीं कर सकती। गाँड में जब लंड जाता है, तो अलग ही मजा आता है। लेकिन अब उससे ये बड़ी सजा होने वाली है, अगर दीदी ने कहीं किसी को कुछ बोल दिया तो।

मै: तो अब क्या करें? हम दोनों तो गए काम से।

चाची मेरे मजे लेती हुई बोलीं—

शीला: और मार ले गाँड। मिल गई तुझे तो गाँड, तू तो खुश हो जा अब।

मै: चाची इधर पहले ही फटी पड़ी है, और तुम्हें मजाक सूझ रहा है।

शीला: सॉरी जान, लेकिन अब तो दीदी का वेट ही करना पड़ेगा, कि वो हमारी इस चुदाई के बारे में किसी को न बताए।

मै: वो ऐसा क्यों करेगी? वो जरूर बताएगी।

शीला: मेरी जान, तू औरत को नहीं जानता। जब उसको तेरे जैसे लंड का मजा मिलता है, तो उसकी भी चूत में खुजली होने लग जाती है। चाहे वो चाहे या न चाहे।

मै: आप क्या बोल रही हैं? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा।

शीला: अरे पागल, अगर उसको किसी को बताना होता, तो सबसे पहले वो हम दोनों को ही बीच में बोल पड़ती, और उसके सामने तब हम सही से चोर होते। लेकिन नहीं, उसने हमें सिर्फ चुदाई करते हुए देखा, और ये वो जानती है। लेकिन वो ये नहीं जानती कि हमें भी ये पता चल गया, कि तेरी बड़ी माँ सुमन ही हम दोनों को चुदाई करते देख रही थीं। लगता है तेरी बड़ी माँ को तेरा लंड पसंद आ गया है।

मै: आप भी ना, कुछ भी बोल देती हैं। ऐसा कुछ नहीं है, और ना मैं ऐसा उनके बारे में कुछ सोचता हूँ।

शीला: एक औरत को एक औरत ही अच्छे से समझ सकती है, और उसने तो तेरा लंड और लंड का दम दोनों ही देख लिए हैं।

मै: मैंने आपको बोला ना, ऐसा कुछ नहीं है मेरे मन में, और ना ही होगा कभी। तुम हो ना मेरे लिए, और तेरी चूत ही काफी है। और अब तो मैं गाँड भी मारूँगा। तो और मुझे क्या चाहिए?

शीला: हाँ सब ठीक है, लेकिन तेरी बड़ी माँ सुमन भी मुझे प्यासी लगती है। लेकिन इसकी ये दबे पाँव घर में अंदर आने की आदत नहीं जाएगी। अगर ये बोलके अंदर आती तो इसको कुछ पता नहीं लगता।

मै: हाँ ये तो आप सही कह रहे हो। मैंने कई बार नोटिस किया है।

शीला: अब कुछ और नोटिस करने का टाइम आ गया है मेरी जान।

मै: क्या?

शीला: अरे चाची की चूत और गाँड को तो तूने बजाके रख दिया। अब सुमन दीदी की बारी है। लगता है उन्हें तेरा लंड का दर्शन अच्छा लगा। तभी तो वो 30 मिनट से ऊपर तक हम दोनों को देखती रहीं। अब उसको नोटिस करो मेरे चोदू सैयाँ। तभी हम दोनों का ये चूत और लंड का मिलन अच्छे से जारी रहेगा।

मै: मैंने आपको बोला है ना, कि ऐसा कुछ नहीं होगा।

हम दोनों की कुछ देर और बात हुई, और तब कुछ देर बाद बच्चे स्कूल से आ गए। फिर मैं अपने घर पर वापस आ गया। मैं घर तो आ गया, लेकिन मैंने उधर चाची को तो बोल दिया कि ऐसा कुछ नहीं होगा।

लेकिन मेरे दिमाग से चाची वाली बात गई नहीं, कि मैं अब बड़ी माँ को नोटिस करूँ, और उनको भी लंड की जरूरत है, उनकी भी चूत प्यासी है।

मैं बेड पर पड़ा-पड़ा अपनी बड़ी माँ सुमन के बारे में सोच रहा था। वैसे मैं आप सभी को उनका इंट्रोडक्शन दे देता हूँ। मेरी बड़ी माँ का नाम तो आपको पता चल ही चुका है। उनकी उम्र 42 के पास है, लेकिन वो दिखती बिल्कुल 35 साल की किसी मस्त हॉट भाभी की तरह हैं।

उनकी हाइट 5’3″ की है, और वेट 70 के करीब है। उनका फिगर 38-38-42 है। तो अब आप सोच ही सकते हैं, कि मेरी बड़ी माँ एक चलता-फिरता बम का गोला हैं। और उनका रंग भी काफी सुंदर है। उनको देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए।

मैं माँ सुमन के बारे में सोच रहा था उनकी गाँड की शेप को ध्यान में रखते हुए। अब मैं अपने लंड को ऊपर से मसलने लगा। अब ऐसा कोई टाइम नहीं जाता था, जब मैंने उनकी गाँड और चूत के बारे में नहीं सोचा हो।

क्योंकि मेरी बड़ी माँ सुमन ने मेरी और चाची शीला की चुदाई के बारे में किसी को नहीं बताया था। तो मुझे चाची वाली बात पर अब यकीन होने लगा था, कि कहीं बड़ी माँ की चूत भी तो प्यासी नहीं थी।

एक दिन की बात है, कि बड़ी माँ छत पर कपड़े धो रही थीं। और उस टाइम उनके सर पर कोई दुपट्टा नहीं था, क्योंकि वो घर में छत पर ही कपड़े धो रही थीं। उनका फेस मेरे रूम की तरफ था।

रूम का दरवाजा थोड़ा सा खुला था, जिसमें से मैं उनको बिल्कुल आराम से देख सकता था। फिर जैसे ही मेरी नजर उन पर पड़ी, तो मुझे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। क्योंकि उनके दोनों बड़े कबूतर जो बिल्कुल गोल और सफेद थे, क्लियर नजर आ रहे थे।

मेरे लंड में बड़ी माँ के चूचे देखते ही हलचल पैदा हो गई। फिर मैंने अपने ऊपर चादर डाल ली, और लंड को लोअर से बाहर निकालकर मसलने लगा। अब जब वो कपड़ों में से पानी निचोड़ने के लिए झुकतीं, तो उनकी चूचियाँ मानो मेरे सामने नंगी हो जातीं।

क्या मस्त चूचियाँ थीं बड़ी माँ की, और उधर मैं अपने लंड पर थूक लगाकर अगले टोपे को आराम-आराम से मसल रहा था। ऐसा लग रहा था, मानो मेरा लंड मुझसे कह रहा हो “राज यार मुझे एक बार अपनी बड़ी माँ की चूची पर घुसा दे, ताकि मैं अपनी गर्मी से तेरी बड़ी माँ की चूची को पेल सकूँ”।

मेरे लिए उस टाइम अपने लंड को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। जब मैं थूक लगाकर अपने लंड को मसल रहा था, तब मुझे बड़ी माँ ने देख लिया (ये बात उन्होंने ही मुझे बाद में बताई थी), और मैं इस बात से अनजान था।

पर उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा, और अब कपड़े निचोड़ते टाइम वो और झुक जातीं, जिससे मेरा बहुत बुरा हाल हो चुका था। करीब 20 मिनट यूँ ही चलता रहा। बड़ी माँ सुमन ने अपनी चूचियों को भिगो लिया था, और अब तिरछी नजरों से मेरे हाव-भाव पढ़ रही थीं।

पता नहीं उनके मन में क्या आई, कि मैंने जैसे चाची की गाँड मारते टाइम उनकी गाँड की पोजीशन कर रखी थी, वो भी अब मेरी तरफ अपनी गाँड को उसी तरह से करके कपड़े निचोड़ रही थीं।

और ये देखकर मैंने मेरे लंड को बिल्कुल फास्ट-फास्ट हिलाना शुरू कर दिया। जैसे कोई मिल्फ पोर्न स्टार चुदने से पहले अपनी पैंटी उतारते टाइम गाँड को घुमाके उतारती है, बिल्कुल उसी पोजीशन में मेरी बड़ी माँ सुमन अपनी गाँड को मेरे सामने करके कपड़े निचोड़ रही थीं।

फिर 5 मिनट बाद मैं झड़ गया। मुझे आज से पहले कभी भी इतना मजा नहीं आया था, जब भी मैंने अपने लंड की मालिश की थी। जिसके साथ ये हुआ है, और जिसने ये सब देखा है, उसको ही मेरी हालत समझ में आ सकती है, कि कितने हसीन पल होते हैं वो।

अब जब मैंने देसी कहानी पर इनसेस्ट स्टोरीज काफी पढ़ी हैं, तो मुझे अपनी बड़ी माँ को चोदने की सोच में कुछ गलत नहीं लगा। क्योंकि वो सबसे पहले एक औरत हैं, जिनको अपनी चूत के लिए लंड की जरूरत थी।

और दोस्तों कोई भी लेडीज हों, 40 की उम्र तक आते-आते उनके पति उनको अच्छे से चोद नहीं पाते हैं 90 प्रतिशत केसेस में। तब उनकी चूत में खुजली होना स्वाभाविक है। तो कुछ अपनी चूत में उँगली कर लेती हैं, और कुछ काफी बोल्ड और एग्रेसिव होती हैं, तो वो किसी अनजान से भी रिश्ता आसानी से बना लेती हैं। और इस तरह से वो अपनी चूत की प्यास को ठंडा कर लेती हैं।

और कुछ होती हैं मेरी बड़ी माँ सुमन की तरह, जो न उँगली कर पाती हैं, न पति से अच्छे से चूत की प्यास बुझा पाती हैं, और न ही किसी बाहर वाले के साथ सेक्स के लिए तैयार हो पाती हैं। तब वो करें तो क्या करें?

अगर वो इनसेस्ट सेक्स करती हैं, तो गलत क्या है? मेरे हिसाब से अगर आप किसी रिलेटिव से सेक्स करते हैं, तो उसका अलग ही मजा है। ये सेफ भी है, और टाइम भी मिल जाता है। और सबसे बड़ी बात, बदनामी नहीं कर सकता कोई, और ना ही आपको ब्लैकमेल कर सकता है।

वैसे भी आजकल इनसेस्ट इंडिया में भी नॉर्मल हो चुका है। जिसमें मैं तो हरियाणा स्टेट से आता हूँ। और मुझे इनसेस्ट सेक्स में कोई प्रॉब्लम नहीं है। और जिनके साथ मैंने किया, उनको भी कोई प्रॉब्लम नहीं थी।

हाँ सूरत में थोड़ा सा अजीब होता है। लेकिन जब उसको अपनी चूत की प्यास और एक जवान लंड और वो भी घर में मिलता है। और वो भी ट्रस्ट वाला। तो प्रॉब्लम क्या होगी उसको अपना शरीर सौंपने में। और जब आपने सोच ही लिया हो कि सेक्स करना है, तो और कुछ ज्यादा सोचना नहीं चाहिए।

क्योंकि चूत को लंड चाहिए, और लंड को चूत। उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है, कि वो किसकी चूत है और किसका लंड। बल्कि वो तो और मजा देता है आप दोनों को चुदाई के टाइम। ये तो हुआ थोड़े ज्ञान चोदी की बातें। अब आगे चलते हैं अपनी स्टोरी पर।

अब मुझे भी यकीन हो गया था, कि बड़ी माँ की चूत प्यासी थी, और उसको लंड ही शांत कर सकता था। और माँ सुमन को मेरा लंड पसंद भी आ गया था, या फिर उससे भी ज्यादा मेरे चोदने का तरीका उनको पसंद आया होगा। लेकिन हाँ ये तो पक्का हो गया था, कि वो मुझसे चुदना जरूर चाहती थीं, और मेरे लंड से अपनी चूत की प्यास को बुझाना चाहती थीं।

लेकिन अब न तो पहल वो कर रही थीं, और न ही मैं कर रहा था। इतनी दूर से तो मैं चूचियों और गोल गाँड को देखकर ही लंड को हिला सकता था, सुमन माँ की चूत को चोद नहीं सकता था।

अब जब भी हमारा घर में आमना-सामना होता, तो मैं उनकी चूचियाँ, गाँड और चूत के उभार को देखता। और बड़ी माँ को भी ये सब पता था। वो भी मेरे लंड को खा जाने वाली नजरों से देखती थीं, और ये मुझे भी पता था।

अब यूँ ही टाइम गुजरता गया, और हम दोनों एक-दूसरे को देखते रहते। मुझे जब भी टाइम मिलता मैं तो चाची शीला को चोद देता। इससे मुझे थोड़ा सा सुकून मिल जाता। लेकिन बड़ी माँ कुछ नहीं कर सकती थीं।

लेकिन हम दोनों जानते थे कि आग दोनों तरफ बराबर थी। लेकिन पहल कौन करे मसला ये था। 2 महीने इसी देखा-देखी में निकल गए, और इधर मेरा लंड मुझे डेली गालियाँ देता “अबे यार, कुछ तो सोच मेरी। कितनी सुंदर गाँड और चूत है। इसके लिए मचल रहा हूँ, और तू है कि कुछ करता नहीं।”

तो मैंने अब सोच लिया था, कि मुझे ही पहल करनी पड़ेगी। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था, कि कहाँ से शुरू किया जाए। फिर मुझे याद आया, कि क्यों न पहले मैं बड़ी माँ के पूरे नंगे जिस्म को तो देख लूँ। और आप जानते हैं ही, कि किसी औरत को नंगा कहाँ पे देखा जा सकता है। वो सिर्फ 3 ही प्लेसेस हैं।

  1. जब वो नहा रही हो
  2. जब वो रूम में कपड़े बदल रही हो
    और लास्ट, जब वो सेक्स कर रही हो। तो सेक्स वाला ऑप्शन तो हुआ कैंसिल। ये बड़ी माँ की लाइफ से अब कोसों दूर था, ये भी मुझे बाद में पता चला था।

तो अब बचा ड्रेस चेंज और नहाने वाला तरीका। आप अब अनुमान लगाइए, कि कौन सा तरीका मैंने यूज किया होगा मेरी बड़ी माँ सुमन की चूत-गाँड को नंगा देखने के लिए।

और इसके लिए आपको वेट करनी होगी नेक्स्ट पार्ट की। आप लोग अपना प्यार यूँ ही देते रहें।

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