Meri pahli chudai kahani:- नमस्कार दोस्तों मैं आपके लिए एक नयी सेक्स कहानी लेके आया हूँ उम्मीद है मेरी बाकी कहानियों की तरह इस कहानी को भी आपका प्यार मिलेगा. तो आगे ये कहानी जिसने मुझे भेजी है उसी की जुबानी आप पढ़िये। दोस्तों मेरा नाम आरती है और मैं 24 साल की एक सेक्सी लड़की हूँ मेरा रंग गोरा है और फिगर 34-30-34 है. मैं एक प्राइवेट कंपनी में फ्रीलांसर जॉब करती हूँ आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई की कहानी बताने जा रही हूं जो 3 साल पहले हुई. चलिए बताती हूं सब कैसे हुआ.
Meri pahli chudai ki kahani
19 साल की उम्र में मुझे किसी फ्रेंड ने पोर्न वीडियोस और सेक्स स्टोरीज के बारे में बताया. उसके बाद मैंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा और बहुत फिंगरिंग की. मेरी चूत की प्यास दिन-बा-दिन बढ़ती जा रही थी. ऐसे ही समय बीतता गया और मैं 21 साल की हो गयी. अब तक मैं एक बॉयफ्रेंड भी बना चुकी थी लेकिन उसके साथ सिर्फ ऊपर-ऊपर से कुछ होता था. मुझे चुदाई के बारे में पूछे इतनी उस लड़के ने कभी हिम्मत ही नहीं की. अब मैं खुद थोड़ी न उसको बोल सकती थी की आके मुझे चोदे.
फिर एक दिन मैं स्कूटी पे कुछ सामान लेके घर आ रही थी. रास्ते में एक लड़के ने अचानक से मेरी स्कूटी के आगे से कट मारा और मेरा बैलेंस बिगड़ गया. इस वजह से मैं गिर पड़ी और मेरे पैर में चोट लग गयी. अब मुझसे उठा नहीं जा रहा था. आस-पास के लोगों ने मुझे उठा कर पास वाली एक दुकान पर बिठाया. मैंने पापा को फ़ोन किया और वो मुझे आके हॉस्पिटल ले गए. डॉक्टर ने मेरे पैर में फ्रैक्चर लगा दिया और मुझे 2 दिन हॉस्पिटल में ही रेस्ट करने को कहा. अब मैं हॉस्पिटल में थी और घर वाले आते-जाते रहते थे. पहली रात तो मुझे काफी दिक्कत हुई लेकिन अगले दिन ठीक लगने लगा. मैं अब वहां कम्फर्टेबल हो गयी थी. इंजेक्शन की वजह से मुझे दर्द भी नहीं हो रहा था. दूसरी रात मैं बोर होने लगी और मुझे नींद नहीं आ रही थी. फिर मैंने मोबाइल में मूवी लगा ली और देखने लगी. उस मूवी में कुछ सेक्स सीन्स आने लगे.
Doctor ke sath meri pahli chudai ki kahani
उन सीन्स को देख कर मैं गरम होने लगी. मेरे रूम में मैं अकेली ही थी और बीच-बीच में नर्स आती थी. क्यूंकि नर्स अभी-अभी होकर गयी थी तो मैंने सोचा क्यों न थोड़ा एन्जॉय कर लिया जाये. मैंने अपने पाजामे में हाथ डाला और पैंटी में हाथ घुसा कर अपनी चूत सहलाने लगी. मुझे बहुत मज़ा आने लगा. किसी बाहर की जगह पर फिंगरिंग करने का मज़ा ही अलग होता है दोस्तों. मैं इस मज़े को पूरी तरह से एन्जॉय कर रही थी. धीरे-धीरे मैं चूत के दाने को हाथ में लेके मसलने लगी. इससे मैं मदहोश होती जा रही थी. मैं इतने मज़े में थी की आँखें बंद हो गयी. अब मुझे कुछ होश नहीं था आस-पास का. मैं अपनी ही वासना की दुनिया में खो गयी थी. ये सब करते हुए मुझे पता ही नहीं चला की कब डॉक्टर मेरे रूम में आके मेरे पास खड़े हो गए.
मेरा डॉक्टर एक 40 साल के आस-पास का आदमी था. वो सेहत से ठीक था और दिखने में भी स्मार्ट था. मुझे पता भी नहीं था और मैं डॉक्टर के सामने अपनी चूत में फिंगरिंग कर रही थी. डॉक्टर पहले तो मुझे देखता रहा. फिर उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया और मेरे बूब्स हाथ पर रख दिया. उसका हाथ अपने हाथ पर पड़ते ही मैं घबरा गयी और आँखें खोल ली. जब मैंने देखा तो सामने डॉक्टर खड़ा था. वो मुझे देख कर मुस्कुरा रहा था. अब मुझे समझ में नहीं आ रहा था की मै क्या करती. मुझे नहीं पता था की वो कब से आके खड़ा हुआ था तो मैं उसके सामने क्या बहाना बनाती. मैं बस चुप-चाप हैरानी वाले चेहरे से उसकी तरफ देख रही थी और वो मुस्कुराये जा रहा था. फिर वो बोला-
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डॉक्टर: मैं तुम्हारी कुछ मदद कर दू?
ये बोल कर उसने मेरी पैंटी में हाथ डाल कर चूत पर हाथ रख दिया और उसको सहलाने लगा. आज पहली बार मेरी चूत पर किसी मर्द का हाथ लगा था. इससे मेरे जिस्म में करंट सा लग गया. मुझे मज़ा आ रहा था तो मैं उसको रोक ही नहीं पायी. ये देख कर उसने मेरा पजामा और पैंटी नीचे किये. अब मेरी नंगी चूत डॉक्टर की आँखों के सामने थी. देखते ही देखते डॉक्टर ने अपना मुँह मेरी चूत पर लगा दिया और उसको चाटने लगा. उसके ऐसा करते ही मैं तड़पने लगी और मेरे पूरे बदन में करंट सा दौड़ने लगा. डॉक्टर मेरी चूत पर अपनी जीभ फिरा रहा था और मैं पागल हो रही थी. मेरे मुँह से सिसकारियां निकल रही थी. फिर वो मेरी चूत को खोल कर उसके अंदर जीभ डालने लगा. मैं और मदहोश होने लगी और उसके मुँह को अपनी चूत पर दबाने लगी. ऐसे ही करते हुए डॉक्टर मुझे चरमसुख तक ले गया और मेरी चूत ने उसके मुँह में ही पानी छोड़ दिया. डॉक्टर मेरा सारा पानी पी गया.
अब मैं तेज़ी से सांसें ले रही थी. फिर डॉक्टर ने अपनी पैंट और अंडरवियर नीचे किये और अपना मोटा लंड बाहर निकाला. उसका लंड देख कर मेरी आँखें चमक गयी. मुझे तो पहले से ही चुदने की तलब लगी हुई थी तो लंड देख कर मैंने उसको हाथ में लिया और हिलाने लगी. फिर डॉक्टर मेरे मुँह के पास लंड लेके आया और मेरे मुँह में डाल दिया. मैं भी मज़े से उसके लंड को चूसने लगी. साथ में वो मेरी चूत फिर से रगड़ने लगा. मैं किसी रंडी की तरह उसका लंड चूस रही थी और वो भी कमर आगे-पीछे करके मेरे मुँह में धक्के दे रहा था. अब मैं दोबारा गरम हो चुकी थी और मेरी चूत पूरी गीली हो गयी थी. तभी डॉक्टर मेरे ऊपर आया और मेरे टांगें खोल कर मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा.
मैं जानती थी आज मेरी पहली चुदाई होने वाली थी. फिर डॉक्टर ने एक-दम से मेरी चूत में धक्का मार दिया. मेरे मुँह से चीख निकली और उसका लंड मेरी गीली चूत में आधा चला गया. मुझे बहुत दर्द होने लगा. लेकिन मुझे बताया था मेरी फ्रेंड ने की पहली बार में दर्द होता है. मैं डॉक्टर की बाजू पर अपना नाख़ून चुभोने लगी और उसने धक्के मार-मार कर पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया. पूरा लंड घुसने के बाद डॉक्टर रुक गया और मेरे लिप्स चूसने लगा. वो मेरा शर्ट उठा कर मेरे बूब्स चूसने लगा. इतनी देर में मेरा दर्द कम हो गया और मैं खुद ही गांड हिलाने लगी. ये देख कर डॉक्टर ने मुझे चोदना शुरू कर दिया. अब मुझे बड़ा मज़ा आने लगा. धीरे-धीरे उसने स्पीड बहुत बढ़ा दी. अब रूम में छप छप की आवाज़े आने लगी. कुछ ही देर में मैं झड़ गयी. डॉक्टर ने भी कुछ और धक्के मारे और अपने लंड का माल मेरी चूत में भर दिया. फिर वो नीचे उतरा और बोला-
डॉक्टर: सुसु कर लेना और मैं तुम्हे आई-पिल की गोली दे दूंगा. मैंने हम्म कहा और वो वहां से चला गया. उसके बाद मैं हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गयी और दोबारा कुछ भी नहीं हुआ.
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