चूत में साबुन लगाकर चोदा चाची को

दोस्तों मेरा नाम बबलू हैं,, मेरी एक चाची हैं जिनका नाम हैं कुसुम और वो उम्र में 33 साल की हैं और उनका रंग एकदम गोरा हैं. उनके मिसरमेंट्स 36-34-37 हैं और वो दिखने में श्रुतिहासन के जैसी हैं. ये बात कुछ 2008 से ही चालू हो गई थी जब चाची सिर्फ 23 साल की थी. चाचा के घर वेकेशन के लिए मैं और मम्मी वहां गए थे, बाबूजी के ऑफिस के काम की वजह से वो साथ में नहीं आये थे.हम जब वहां गए तो पता चला की चाचा भी कुछ काम से दिल्ली गए हुए थे. चाचा 1 विक के लिए गए हुए थे और चाची घर पर अकेली ही थी.चाचा के गाँव में मेरे कुछ दोस्त थे जिनके साथ मेरी अच्छी बनती हैं, इसलिए मेरी मम्मी जब चाचा के घर से मेरी एक मौसी के घर गई तो मैंने कहा की मैं यही रुकुंगा. चाची ने भी मम्मी से कहा की इसे यही रहने दो यहाँ दिल लगा हुआ है उसका. मम्मी मौसी के घर चली गई और शाम को मैं अपने एक दोस्त आर्यन के साथ फुटबोल खेलने चला गया. फुटबोल खेल के हम गंदे हो चुके थे कीचड़ मिटटी से. ऐसी हालत में ही घर को वापस लौटे.चाची ने मुझे देख के कहा अरे ये क्या हाल बना के रखा हुआ हैं तुमने, इतने गंदे कैसे हो रहे हो. तो मैंने उनसे कहा की फुटबोल खेलने की वजह से तो उन्होंने बोला की कोई बात नहीं मैं तुम्हे नहला देती हूँ. तो फिर चाची मेरे साथ बाथरूम में आ गई और मेरे कपडे उतारने लगी. उस टाइम चाची ने येलो कलर की साडी पहन रखी थी. मेरे कपड़ो के बाद उन्होंने खुद अपनी साडी भी उतार दी. अब उन्होंने अपने ब्लाउज और पेटीकोट में अपने बदन का नज़ारा दिखाया मुझे. उनका लो-कट वाला ब्लाउज बड़ा ही हॉट था.चाची को ऐसे देख के मैं थोडा शर्मा रहा था और मेरा लौड़ा भी खड़ा हो गया. क्यूंकि मैंने अंडरवेर पहन रखा था तो वो एक टेंट के जैसा हो गया था. ये देखकर चाची ने एक स्माइल किया और एक स्टूल पर बैठ गई. और फिर एक मग पानी मेरे पर डाल दिया. अब चाची अपने हाथ से साबुन लगा के मेरी पूरी बोड़ी को झागवाली कर रही थी.यह सब मेरे लिए एकदम नया था तो मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. फिर चाची ने मेरे पैरो पर साबुन लगाया फिर चाची मेरा अंडरवेर उतारने लगी. लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया क्यूंकि मुझे शर्म आ रही थी. फिर उन्होंने बोला की शर्मा ने की कोई बात नहीं हैं. फिर उन्होंने मेरा अंडरवेर उतार ही दिया. फिर उन्होंने अपनर हाथो में थोडा और साबुन लिया और मेरे लुंड पर मलने लगी. मुझे एकदम हॉट लग रहा था ये सब.फिर चाची ने मुझे अपने पास खिंचा और फिर अपने राईट हेंड से मेरे लौड़ा को सहला रही थी और अपना लेफ्ट हेंड मेरे बालो पर रखा और मेरे बालों को धीरे से खींचने लगी. और फिर उन्होंने अपना मुहं आगे किया पहले मेरे दोनों गालो को किस किया और फिर मुहे होंठो के ऊपर भी समुच कर लिया. इस वक्त मेरी हार्ट बिट्स एकदम तेज हो चुकी थी. और फिर चाची ने किस करते करते हुए मेरे लौड़ा को सहलाना चालू कर दिया. मुझे मस्त लग रहा था चाची का किस करना और साबुन से भीगे हुए लौड़ा को सहलाना.चाची ने मुझे पूछा की कैसा लगा तो मैंने बोला की बहुत मज़ा आया. उसके बाद चाची ने शोवर चला दिया. चाची की ब्रा साफ़ दिख रही थी भीगने के बाद. फिर चाची खड़ी हुई और मेरा सर पकड़ा और उसे अपनी नाभि पर रख दिया और बोली की मेरी नाभि को किस करो. तो मैं उनकी नाभि को किस करने लगा तभी चाची ने मेरे दोनों हाथो को पकड़ा और उसे अपनी गाँड़ पर रख दिया और मेरे हाथो से अपनी गाँड़ को दबाने लगी. फिर मैं उस गाँड़ को और भी जोर से दबाने लगा था तो चाची के मुहं से मोअनिंग चालु हो गई,, आह्ह्हह्ह येस्स्स्स आह्ह्ह्ह ऊईईइ अह्ह्ह्हह आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!फिर कुछ मिनिट्स के बाद हम बाथरूम से बहार आये. फिर उन्होंने मुझसे कहा की ये बात किसी को मत बताना तो मैंने कहा ठीक हैं. चाची ने निचे बैठ के मेरे होंठो पर फिर से किस दिया. फिर बाकि के दो दिनों तक ऐसा ही चलता रहा. पर मैंने उन्हें पूरा नंगा नहीं देखा था और समुच और नावेल यानि की नाभि किस के आगे कुछ हुआ भी नहीं था.कुछ मौका नहीं मिला चुदाई का और फिर मम्मी वापस आई तो मैं आगरा आ गया उसके साथ में. फिर मैं उनके घर पुरे 4 साल के बाद गया. इस बिच में मैं चाची स मिला तो था लेकिन कुछ खास लम्बी बात नहीं हुई थी और कुछ और भी नहीं हुआ था. चाची ने मुझे अकेला देख के एकदम टाईट हग कर लिया. मेरा लौड़ा तो एकदम टाईट था. चाची ने फिर मुझे होंठो पर चूम्मा दिया और मेरे लौड़ा पर हाथ भी ले गई.मैं पूछा: चाचा कहा हैं?चाची: वो बहार हैं एक घंटे में लौटेंगे.चाची ने फिर मेरे लौड़ा को एकदम कड़ा कर दिया और बोली, तुम बहुत बड़े हो गए हो और बाकि सब चीजें भी बड़ी हो चुकी हैं तुम्हारी.चाची के मुहं से मेरे लौड़ा की तारीफ़ को सुन के मुझे मस्त लगा. मैंने उसके दूध को पकड़ के दबा दिया तो उसके मुहं से आह निकल पड़ी. मैंने उसकी साडी में हाथ डाल के ब्लाउज के ऊपर से ही दूध मसल दिए. चाची ने कहा, चलो बेडरूम जाते हैं.चाची के मुहं से यह सुन के मैं जान गया की आज तो चुदाई हो जायेगी इसकी. लेकिन मेरे मन में अभी भी वो 4 साल पहले के साबुन वाला मसाज था. मैंने कहा, चाची चलो न बाथरूम में मुझे साबुन से खुश करो.चाची हंस के बोली, तुझे अच्छा लगता था वो सब?मैं बोला, चाची मुझे तो वो आज भी याद हैं.चाची ने मेरा हाथ पकड़ लिया और वो मुझे बाथरूम में ले गई. फिर उसने अपनी साडी खोली. अब की मैंने फिर से उसके ब्लाउज को टच कर लिया. चाची ने कहा, बाकि के कपडे तुम उतार दो मेरे.मैं खुश हो गया और मैंने पेटीकोट और ब्रा को खोला. चाची के चुंचे एकदम काले थे और निपल्स एकदम चौड़ी चौड़ी. चाची ने अब सब कपडे साइड में फेंक दिए. चाची की चुत पर बहुत सब बाल थे, शायद वो झांट नहीं बनाती थी. चाची ने मेरे कपडे अपने हाथ से खोले और बोली, नाभि चाटोगे मेरी?मैं कुछ नहीं बोला और सीधे निचे झुक के सीधे ही चाची की नाभि में जबान घुसा दी. इस चौड़ी नाभि में जबान डाल के मैं उसे घुमाने लगा. चाची सिसकिया भर रही थी और मेरे माथे को पीछे से पकड़ के अपनी नाभि पर दबाने लगी. चाची की गाँड़ पर हाथ रख के मैंने अब नाभि में और भी जोर से उसे चाटना चालू कर दिया. फिर मैंने चाची की चुत पर हाथ रख दिया और ऊँगल को घुमाने लगा. चाची के बालों को हटा के मैंने कलाईटोरिस पर दबा दिया. चाची बोली, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह उईईइ बड़ा मस्त लगा अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह.मैंने धीरे से ऊँगली को चुत में घुसा दिया और चाची मरी जा रही थी. कुछ देर मैंने ऐसे ही नाभि को चाटा और फिर चाची बोली, बस करो अब मैं तुम्हारे लिए कुछ करती हूँ.चाची ने मुझे निचे बिठा दिया और वो मेरे घुटनों के बिच में आ गई. उसने मेरे लौड़ा को पकड़ के हिलाया और बोली, कभी किसी के मुहं में दिया हैं तुमने?मैंने ना में सर हिलाया तो वो हंस के बोली, आज चाची का मुहं चोदोंगे?मैंने जवाब नहीं दिया लेकिन सीधा उनके सर को पकड के अपनी लौड़ा की तरफ कर दिया, चाची को जवाब मिल चूका था. उसने मुहं को खोला और मेरे लौड़ा को मुहं में ले लिया और उसे चूसने लगी. चाची पुरे लौड़े को नहीं लेकिन सिर्फ सुपाडे को चूस रही थी. वो लौड़ा को निचे की साइड से पकड़ के ऊपर के शीर्ष को चूस रही थी. मेरे तो तोते उड़े हुए थे. और चाची तो एकदम कस कस के लौड़ा को चूस रही थी. चाची ने अब लौड़ा को थोडा और अन्दर लिया और आधे लौड़ा को चूसने लगी. चाची ने आधे लौड़ा को एक मिनिट ही चूसा और फिर पुरे लौड़ा को अपने मुह में डालने लगी. मुझे इतना मज़ा आ रहा था की दुनिया के कोई शब्दों में मैं उसे लिख नहीं सकता हूँ. चाची अपने मुहं से अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह हम्म्म्म की आवाजे निकालते हुए लौड़ा को चुसे जा रही थी.अब मैंने चाची को हटा दिया क्यूंकि मुझे लगा की मैं वीर्य छोड़ दूंगा. चाची ने कहा, क्या हुआ?तो मैंने कहा, अब मैं आप की चाटूंगा.चाची अब मेरी जगह आ गई और मैं उसकी जगह. बाल से भरी हुई चुत में से मसकी स्मेल आ रही थी. लेकिन मैंने फिर भी उसके अन्दर जबान घुसा के कलाईटोरिस यानि की चुत के दाने को चूस चूस के चाची को अन्दर से एकदम गिला कर दिया. चाची का पानी छुट पड़ा जिसे मैंने पी लिया.चाची ने कहा, अब चोदो मुझे मेरे राजा मेरे से सब्र नहीं हो रहा.मैंने कहा, पहले लौड़ा पर साबुन को लगाओ.चाची ने मुझे निचे बिठाया और मेरे लौड़े पर अपने हाथ से लक्स साबुन लगा दिया. चाची ने झाग वाले लौड़ा को देख के संतोष के भाव से कहा, अब हो गाया न!चाची को मैंने अब वही घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी गाँड़ को खोला. फिर मैंने थोडा पानी और साबुन ले लिया और उसकी चुत और गाँड़ पर झाग कर दिया. फिर मैंने जब लौड़ा को चुत पर रख दिया. चाची की चुत में लौड़ा एकदम आराम से घुस गया साबुन की चिकनाहट की वजह से. चाची ने कहा, आह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह.मैंने गाँड़ पकड के एक झटके से पुरे लौड़ा को अन्दर उतारा, साबुन की वजह से चत की आवाज आई और पूरा लौड़ा चुत में चपोचप बैठ गया. अब मैंने अपने हाथों को आगे किया और चाची के दूध पकड़ के चोदने लगा. चाची को भी बड़ा मस्त लग रहा था और वो आह आह कर के अपनी गाँड़ को हिला के चुदवा रही थी.साबुन की वजह से चिकनाहट बहुत थी और मुझे भी अलग अनुभव मिल रहा था. कुछ देर चाची की चुत मार के मैंने लौड़ा निकाल के गाँड़ में डालना चाहा. लेकिन वहां का साबुन सुख गया था. मैंने नया झाग किया और फिर आराम से गाँड़ में घुसेड दिया लौड़ा को. चाची को भी गाँड़ मरवाने की बहुत मज़ा आई और उसने अपने कुल्हे हिला हिला के लौड़ा लिया मेरा.दोस्तों जब मेरा वीर्य निकला तो चाची की गाँड़ में ही निकाल दिया मैंने. और जब मैंने लौड़ा को बहार निकाला तो गाँड़ के अन्दर से वीर्य की बुँदे बहार टपक रही थी. इसे देख के बड़ा मस्त लग रहा था मुझे. मैंने चाची से कहा, कैसा लगा चाची?चाची ने अपनी गाँड़ को अपने पेटीकोट से साफ़ करते हुए कहा, मस्त लगा बेटा, चाचा आयेंगे अब तेरे, चलो कपडे पहन लो.मैंने कहा, चलो साथ में नहाते हैं पहले.फिर मैंने और चाची ने साथ में स्नान किया. नहाते हुए भी मैंने अपना लौड़ा चाची को चूसा दिया. और फिर कपड़े पहन के हम लोग बहार आ गए.