मम्मी की चुदाई पूजा 2

Mummy ko dost ne apna lund dikhaya:- जैसा कि मैंने आपको बताया था कि मम्मी छत पर पूजा कर रही थीं और अमित मम्मी के बिल्कुल सामने पेशाब कर रहा था। उसके पेशाब के छींटे मम्मी तक पहुँच रहे थे। मम्मी ने जैसे ही जोर से बोला—

मम्मी: आराम से पेशाब कर।

अमित एकदम से मुड़ गया और उसका लंड बिल्कुल मम्मी के सामने था। मम्मी उसका लंड देखती ही रह गईं।

उसका काला मोटा लंड किसी भी औरत के होश उड़ा सकता था। शायद मम्मी ने ऐसा लंड पहले कभी नहीं देखा था और ना ही चूत में लिया था। शायद मेरे पापा का लंड छोटा होगा।

अब आगे…

Part 1 ==> मम्मी की चुदाई पूजा – 1

Mummy ko dost ne apna lund dikhaya

अमित तो अभी अपनी पूरी जवानी में था। और हाँ दोस्तों, अमित बहुत कम मुठ मारता था और पोर्न वगैरह भी बहुत कम ही देखता था। यही वजह थी कि उसका शरीर और लंड हम सभी दोस्तों से अच्छा था। क्योंकि वो मेरा बहुत अच्छा और पुराना दोस्त था तो मुझे ये सब बात पता थी।

मम्मी को ऊपर गए हुए करीब 15 मिनट हो गए थे पर मैं अभी भी टीवी देख रहा था। करीब 1 मिनट तक तो मम्मी उसका लंड निहारती रहीं। फिर उन्हें होश आया।

मम्मी: अमित, आराम से पेशाब कर। देखता नहीं क्या, मैं पूजा कर रही हूँ और तेरे पेशाब के छींटे आ रहे थे मुझ पर।

अमित ने जल्दी से मुड़के अपना लंड अंदर किया और फिर घूमके बोला—

अमित: सॉरी आंटी, आपकी छत बहुत छोटी है। इसी वजह से छींटे आ रहे थे। अच्छा तो आंटी, मैं जा रहा हूँ दुकान पर। और हाँ आंटी, अमित अगरबत्ती के पैसे माँग रहा था। 20 रुपये।

मम्मी: हाँ, अभी तो यहाँ पैसे हैं नहीं मेरे पास। मैं नीचे से लाके देती हूँ तुझे। तू यहीं रुक अभी।

अमित: आंटी बहुत धूप हो रही है। मैं तो जा रहा हूँ। थोड़ी देर बाद आप खुद देने आ जाना।

मम्मी: चल ठीक है, तू जा। मैं तेजस के हाथों भिजवा दूँगी।

अमित अपने मन में बोला— अब ये तेजस कहाँ से बीच में आ गया। और निराश होकर जाने लगा। तेज़ी से बीच की दीवार की तरफ जाते ही बड़ी मासूमियत से बोला—

अमित: आंटी पैसे जल्दी ही भिजवा देना वरना सोनू मुझे डाँटेगा।

मम्मी: अभी भिजवा रही हूँ भैया।

और अमित के शॉर्ट्स में बने तंबू की तरफ देख रही थीं अपनी तिरछी निगाहों से। शायद दोस्तों, बहुत दिनों से मम्मी चुदी भी नहीं थीं पापा से। और अमित मम्मी को जाते समय ताड़ रहा था।

उसको मम्मी की पिंक मैक्सी में चूतड़ों की दरार साफ-साफ दिखाई दे रही थी। मम्मी नीचे उतरने ही वाली थीं कि एकदम से धम्म की आवाज आई।

ये आवाज अमित की थी। क्योंकि जब वो 4 फीट की दीवार चढ़ रहा था तो उसका ध्यान मम्मी की गाँड पर था। इसी वजह से वो हमारी छत पर गिर गया। उसने अपना दर्द बयान किया। एक सेकंड को शायद उसको साँस भी नहीं आ रही होगी।

सच में वो बहुत जोर से गिरा था। मम्मी एकदम से भागकर उसके पास गईं और उसको उठाने लगीं।

मम्मी: मर ली चोट? ध्यान से नहीं चढ़ सकता था?

और अमित दर्द से कराह रहा था। वो कई जगह से चिल भी गया था।

मम्मी ने अमित को दीवार के सहारे बैठाया। एक तो जुलाई की गर्मी, ऊपर से उसको जो चोट लगी थी उसकी वजह से अमित को बहुत पसीना आ रहा था। वो एकदम तर हो गया था।

मम्मी एकदम से उठीं और कपड़ा देखने लगीं छत पर। बस उसकी साड़ी थी और उसका उतारा हुआ पेटीकोट। क्योंकि साड़ी से पसीना ढंग से नहीं पोंछता। इसी वजह से मम्मी ने पेटीकोट उठा लिया। क्योंकि पेटीकोट सूती होता है और जल्दी पसीना एब्जॉर्ब कर लेता है।

पेटीकोट लेते ही मम्मी अमित के पास गईं और अमित का मुँह पोंछने लगीं। पेटीकोट वही था जो थोड़ी देर पहले ही मम्मी ने उतारा था। जाहिर सी बात थी कि पेटीकोट में चूत और गाँड की पागल कर देने वाली महक थी।

जैसे ही अमित के नाक के पास पेटीकोट गया, अमित को मनमोहने वाली मादक महक सुंघी और अमित का मानो दर्द छू-मंतर हो गया हो।

मम्मी बहुत प्यार से उसका मुँह पोंछ रही थीं और अमित मदहोश होता जा रहा था। फिर मम्मी ने जहाँ-जहाँ उसको चोट लगी थी वहाँ पोंछा।

मम्मी: अब घर जा और चोट की दवाई लगा ले। वरना गर्मी का समय है, घाव पक जाएगा।

अमित: आंटी मेरे यहाँ चोट की दवाई नहीं है। छोटी-मोटी चोट है, यूँ ही ठीक हो जाएगी।

जब अमित ये बात बोल रहा था तो उसका ध्यान मम्मी की टाँगों के बीच में था। क्योंकि मम्मी दोनों पैरों पर बैठी थीं। अमित को बीच की जगह में से उसकी मोटी-मोटी चिकनी जाँघ दिखाई दे रही थी।

मम्मी ने जैसे ही अमित को नोटिस किया तो मम्मी एकदम से उठ खड़ी हुईं।

मम्मी: तेरी ये चोट मेरे काम की वजह से लगी है। तू दुकान पर जा सोनू की। मैं अभी पैसे और दवाई लेकर आती हूँ।

अमित खुश हो गया और चला गया। मम्मी भी खुश थीं और आँखों में कामुकता थी।

करीब 30 मिनट बाद मम्मी नीचे आई थीं और काफी खुश लग रही थीं। मम्मी कमरे में एंटर हुईं।

मैं: इतनी देर पूजा कर रही थीं क्या?

मम्मी हड़बड़ाहट में घबराके बोलीं—

मम्मी: आज गुरुवार है ना तो मेरा व्रत है। इसलिए पूजा में लेट हो गई।

अमित जब तक दुकान पर वापस जा चुका था।

सोनू: अमित से भोसड़ी के, कहाँ था इतनी देर से? अगरबत्ती देने गया था या आंटी की गाँड में घुसाने गया था?

फिर अमित ने पूरा किस्सा सोनू को सुनाया तो सोनू बहुत एक्साइटेड हो गया था अमित की बातें सुनकर।

अमित: भाई मेरा पूरा लंड देखती रही और मुझे अपनी चूत की खुशबू वाला पेटीकोट भी सुंघाया। भाई जब खुशबू ही इतनी अच्छी है तो गाँड क्या होगी यार आंटी की। सोनू भाई मैं गारंटी से कह रहा हूँ, चुद जाएगी मुझसे।

सोनू की तो मानो हालत खराब हो गई थी। उसका लंड पूरी तरह से इरेक्ट, टाइट, फुल फॉर्म में आ गया था।

सोनू: भाई मुझे उसकी नंगी गाँड दिखा दे भाई प्लीज।

अमित: भाई अभी पैसे देने आने वाली हैं आंटी। कोई प्लान सोचते हैं। गाँड क्या, तू चूत भी देखियो और मैं मारूँगा। हा हा हा।

दोनों हँसने लगे।

उधर तेजस यानी कि मैं थोड़ा असमंजस में था कि मम्मी गईं तो साड़ी में थीं मगर मैक्सी में आई हैं और वो भी इतनी देर में। मम्मी मन ही मन मुस्कुरा रही थीं और कुछ ढूँढ रही थीं।

मम्मी अमित का लंड देखकर बहुत एक्साइटेड हो गई थीं और बार-बार उसके लंड के बारे में ही सोच रही थीं। और जो अमित के पेशाब के छींटे मम्मी की मैक्सी और हाथों पर गिरे थे, उसकी गंध से और उत्तेजित हो रही थीं।

थोड़ी देर बाद मम्मी ने झूठे को मुझसे पूछा—

मम्मी: सोनू की दुकान पर उसके 20 रुपये दे आएगा? मैं अभी अगरबत्ती का पैकेट उधार लाई थी।

जबकि मम्मी को पता था कि मैं नहीं जाऊँगा क्योंकि मुझे छोटा-मोटा काम करना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। मैंने तुरंत साफ मना कर दिया।

मैं: बाद में चला जाऊँगा।

मम्मी खुश हो गईं।

मम्मी: मत जा, घर में ही पड़ा रह। मैं खुद देकर आती हूँ अभी।

उधर अमित के दिमाग में एक गेम चल रही थी मम्मी की चूत मारने की।

दोस्तों, जो सोनू की दुकान थी घर से काफी पास थी। गली के मुड़ने के बाद 2 घर छोड़कर सोनू की दुकान थी। उसकी दुकान का फ्रंट तो काफी बड़ा था मगर अंदर से पतली थी। और पीछे उसने एक छोटा सा बहुत छोटा कमरा टाइप का बना हुआ था। और अंदर एक खाट बिछी हुई थी। सोनू का फ्रिज भी वहीं रखा रहता था।

दोस्तों, जब अमित छत पर से गिरा था तो दीवार से टकराके उसका शॉर्ट्स यानी कि कच्छा बीच में से फट गया था। छेद काफी बड़ा था। तो अमित ने जल्दी से अंदर जाके अपना अंडरवियर उतार दिया और वही फटा कच्छा पहन लिया। जिससे कि वो मम्मी को लंड दिखा सके।

पढ़ते रहिए… क्योंकि कहानी अभी जारी रहेगी। नेक्स्ट पार्ट में दोस्तों बहुत मेहनत से लिख रहा हूँ इसलिए कहानी काफी स्लो चल रही है। मैं आपको जो हुआ बिल्कुल डिटेल में बताना चाहता हूँ। उम्मीद है आपने इससे पहले ऐसी स्टोरी का एक्सपीरियंस नहीं किया होगा।

Next Part ==> मम्मी की चुदाई पूजा 3

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One Comment

  1. Story complete kro yrrrr

    Nice story lgi
    Kisi ko chut chatwane ho dm me. Anytime anywhere sex chat phn sex dm me. Muje chut chatne m bhot mja aata hai yrrrr

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