बीवी चुदी नौकर से – 2

naukar se wife ki chudai ki kahani:- आपको थोड़ा पिछली स्टोरी के बारे में बता देता हूँ, मेरी बीवी सुमन वाशरूम में फिसल गयी थी और उसके पैर में थोड़ी मोच आ गयी थी. फिर डॉक्टर ने 2-3 बार मसाज करने के लिए बोला . अब इस hindi sex stories में आगे की स्टोरी की तरफ बढ़ते है.

Part 1 => बीवी चुदी नौकर से – 1

naukar se wife ki chudai ki kahani

डॉक्टर ने सुमन के पैर पर मसाज के लिए बोला था. ऑफिस के काम के चलते मैं अक्सर सुबह से शाम तक ऑफिस में ही होता था. जिस कारण मैं सुमन को एक बार ही मसाज दे पा रहा था. ऐसे तो उसको ठीक होने में टाइम लग जाना था. तो मैंने सिटी के 3-4 मसाज सेंटर्स में पता किया. लेकिन घर आ कर मसाज देने के लिए किसी ने भी हामी नहीं भरी. सो इस चीज़ की प्रॉब्लम आ रही थी.घर आके मैंने सुमन को ये बात बताई. जब मैं बता रहा था तो बिरजू काका ने भी मेरी बात सुन ली. फिर शाम के टाइम जब हम दोनों चाय पी रहे थे तो काका बोले-

काका: संजू बेटा क्या बात है आप बहुत परेशान दिख रहे हो?

संजू: नहीं-नहीं काका कोई बात नहीं है, सब ठीक है. 

मैं नहीं चाहता था की काका कोई ऐसी-वैसी हरकत करे जिसकी सजा मुझे सुमन की चूत से चुकानी पड़े. लेकिन इस बात से सुमन अनजान थी की उसको चोदने के लिए काका के अंदर पूरा जोश भरा था. 

वो बोली-सुमन: काका ये आपको कुछ नहीं बोलेंगे, ये किसी मसाज वाले को ढूंढ रहे है 2 टाइम के लिए. लेकिन कोई घर आने को तैयार नहीं है. इसलिए परेशान है ये. 

ये बात सुन कर काका की आँखों में चमक आ गयी. वो इस मौके का फ़ायदा उठाना चाहते थे. 

काका: ये कौन की बड़ी बात है संजू बेटा, अगर आपको बुरा न लगे तो मैं मालिश कर देता हूँ आपको तो पता ही है की मैंने बड़े मालिक की कितनी मालिश की है.

सुमन: संजू आपको भी न कभी समझ नहीं आएगी! कितने दिन हो गए आपको ढूंढते हुए. आपने काका से एक बार भी बात डिसकस नहीं की. आखिर मैं काका की बेटी जैसी ही तो हु. 

काका को ये बात सुन कर बहुत ख़ुशी हुई. ऐसा लग रहा था जैसे उनको कोई खज़ाना मिल गया हो. 

संजू: बेबी मैंने सोचा की काका पहले से बहुत काम करते है. इसलिए नहीं पुछा. काका आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं है सुमन के पैरों की मालिश करने में? 

काका: नहीं बेटा. 

फिर सुमन ने काका को बोल दिया मालिश करने को. लेकिन मेरे दिमाग में यहीं डर था की उसका ये फैंसला कहीं उसकी चुदाई का कारण न बन जाये. तो मैंने काका को बोला- 

संजू: काका आप सुबह 10 बजे और दोपहर को 1 बजे सुमन की मालिश कर देना. रात को मैं खुद ही कर दिया करूँगा. 

अगली सुबह 8 बजे मैं रोज़ के जैसे अपने ऑफिस के लिए निकल गया. मेरा ध्यान आज घर में ही था. इसलिए मैंने ऑफिस पहुँचते ही घर के कैमरा की वीडियो ऑन कर ली. हमने एक बेड लॉबी में भी रखवाया हुआ है. मोच के कारण सुमन ज़्यादा लॉबी में ही पड़ी रहती है. 

मैंने देखा आज काका का ध्यान घर के काम में बिलकुल नहीं था. वो बार-बार सुमन को ही घूरे जा रहे थे. कैमरा में आवाज़ भी सुनती थी. ठीक 10 बजे काका ने सुमन से कहा- 

काका: बेबी मालिश का टाइम हो गया. सुमन बेड पर थी. काका आये और ज़मीन पर बैठ गए. जब उन्होंने सुमन के पैर को देखा तो उनकी आँखें फटी की फटी रह गयी. काका ने ऐसे पैरों को अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा होगा. लेकिन आज उन्हें छूने का मौका मिल रहा था. काका ने कांपते हाथो से सुमन के गोरे पैरों को छुआ. फिर उन पर हलकी-हलकी मालिश करने लग गए. पैरों को छूते ही काका का 8 इंच का लंड खड़ा होने लगा. 

वो सुमन के पैरों से खेलने लगे और सुमन टीवी और फ़ोन में मस्त थी. काका का लंड पूरा तैयार था सुमन के पैरों की चुदाई के लिए. इस कारण उन्होंने बीच में ऐसी हरकत की की सुमन का ध्यान नीचे खींच गया. काका ने जान-बूझ कर उसके पैरों को थोड़ा नीचे खिसकाते हुए अपने लंड से टच करवाया. जब सुमन ने नीचे देखा तो उसने काका के पजामे में तम्बू के दर्शन पाए. आज पहली बार मेरे अलावा सुमन ने किसी और के लंड के दर्शन किये थे. और वो भी मेरे लंड से बड़ा लंड था.

अब सुमन को गर्मी चढ़ रही थी क्यूंकि उसका ध्यान टीवी से हट गया था और अब वो काका के हाथो को अपने पैरों पर फील कर पा रही थी. तभी मैंने जान-बूझ कर सुमन को कॉल किया. इससे सुमन ने खुद को संभाला और कॉल पिक करके बात करने लगी. वो बड़ी धीरे बोल रही थी. 

सुमन: मैं काका से मालिश करवा रही थी. थोड़ी नींद आने लगी थी. 

तभी जान-बूझ कर सुमन ने काका को पानी लाने के लिए कहा. जब काका पानी लेने उठे तो सुमन का पूरा ध्यान उनके लंड पर था और मैं इधर ‘हेलो-हेलो’ कर रहा था. फिर मैं ज़ोर से बोला- 

संजू: सुमन हेलो मेरी आवाज़ आ रही है? 

सुमन: हां वो थोड़ा नेटवर्क प्रॉब्लम है. 

लेकिन मेरे को सब कुछ समझ आ रहा था. जिस चीज़ का मुझे डर था वो मसाज के पहले दिन ही शुरू हो गयी. सुमन को मैंने ऐसे किसी को भी घूरते नहीं देखा था जैसे वो आज काका को घूर रही थी. काका फिर खुद को संभालते हुए पानी लेके आये. उनके एक हाथ में पानी का गिलास था और दुसरे हाथ से वो अपने खड़े लंड को छुपाने की कोशिश कर रहे थे. सुमन का ध्यान सीधे काका के लंड की तरफ था, जिसका काका को भी पता चल चुका था. 

सो जब मैं शाम को अपने ऑफिस का काम ख़तम करके घर वापस आया तो मैंने नोट किया की सुमन थोड़ा अजीब बिहेव कर रही थी. मैंने खाना खाया और सुमन को बोला-

संजू: सुमन बेबी तुम रेडी हो जाओ. मैं तुम्हारी मसाज कर देता हु.

सुमन: बेबी आप रहने दो आप आलरेडी थके हुए हो. काका कर रहे है न मसाज अच्छे से. 

इससे काका को भी जैसे ग्रीन सिग्नल मिल गया. मैं थोड़ा शॉक में था ये बात सुन कर और मुझे पूरा शक था की सुमन चुदाई करवाने के लिए रेडी थी काका से. फिर काका मसाज करने के लिए नीचे बैठ गए. जैसे ही उन्होंने पैरों को छुआ तो सुमन आलरेडी सेड्यूस होने लग गयी. उसका हाथ मेरे लंड पर बढ़ने लगा और मेरा शक यकीन में बदल गया. मुझे गुस्सा आया तो मैंने सुमन का हाथ हटाया और अंदर सोने के लिए चला गया. 

सुबह मैं जल्दी ऑफिस के लिए निकल गया और सुमन सो रही थी. वो रोज़ रात को बिना ब्रा-पैंटी के ही सोती है. मैं कैमरा में देख रहा था की सुमन आज अपने कमरे से बाहर नहीं आयी थी. फिर ठीक 10 बजे काका ने सुमन को मसाज के लिए बोला. लेकिन सुमन ने आज काका को कमरे में ही बुला लिया. जब काका रूम में गए तो सुमन नाइटी में थी. 

ऐसी हालत में सुमन को देख कर उनकी आँखें फटी की फटी रह गयी. सुमन बेड पर उलटी लेटी हुई थी बिना पैंटी के. उसकी गांड उभरी हुई काका को साफ़ दिखाई दे रही थी. सुमन को ऐसे देख कर, काका के सांप ने फन फैलाना शुरू कर दिया था. काका ने पजामे के नीचे कुछ नहीं पहना था मेरे ख़याल से. 

सुमन: काका आप मसाज शुरू कर दो. मैं आज थोड़ी थकी हुई हूं तो सोने लगी हु. 

काका आगे बढे और सुमन के पैर को पकड़ा. फिर उन्होंने मसाज शुरू कर दिया. काका की हिम्मत आलरेडी बढ़ चुकी थी. वो धीरे-धीरे सुमन की नाइटी को लेग्स से ऊपर करने लगे. सुमन की गोरी-गोरी लेग्स देख कर वो अपना कण्ट्रोल खो रहे थे. दूसरी और सुमन रात से ही गर्म थी, क्यूंकि हम दोनों ने सेक्स नहीं किया था. काका बीच-बीच में सुमन की लेग्स पर अपना हाथ फेर रहे थे. लेकिन सुमन काका को कुछ नहीं बोल रही थी. इससे काका की हिम्मत बढ़ गयी. 

फिर काका ने अपना मुँह सुमन के पैर की तरफ बढ़ाया और उसके पैरों को सूंघने लगे. फिर हिम्मत करके अपने काले लिप्स का सुमन के गोरे-गोरे पैरों से मिलन करवाते हुए अपनी जीभ उसके पैरों पर फेरने लगे. इससे सुमन को झटका लगा और सुमन ने बेडशीट को अपनी मुट्ठियों में जकड लिया, लेकिन सोने का नाटक करती रही. 

काका को मालूम पड़ रहा था की सुमन सोने का नाटक कर रही थी. ना चाहते हुए भी मुझे गुस्सा तो बहुत आ रहा था, लेकिन पता नहीं क्यों ये सब मुझे अंदर ही अंदर अच्छा भी लग रहा था. काका का जोश अब सातवे आसमान पर था. वो अब पूरे पैरों को धीरे-धीरे चूसने लगे. इस वजह से सुमन का बुरा हाल हो रहा था. सुमन का कोई रिएक्शन न मिलने पर काका की हिम्मत और बढ़ गयी. पैरों को चूसते हुए एक-दो बार काका ने उसके पैर का अंगूठा पूरा मुँह में डाल लिया. इससे सुमन की हलकी सी सिसकी निकल गयी. 

इस वजह से काका ने अपने आप को रोका लेकिन सुमन अपनी चरम सीमा पर थी. काका के हाथ रुकते देख कर सुमन उठने की एक्टिंग करके लगी. फिर वो काका को बोलने लगी- 

सुमन: काका मेरी पीठ पर भी बहुत दर्द हो रहा था.

और ये बोल कर उसने दोबारा आँखें बंद कर ली. फिर काका ठीक सुमन के मुँह की साइड आ कर खड़े हो गए. उन्होंने अपने हाथ उसकी पीठ पर फेरने शुरू कर दिए. सुमन आँखें बंद करके बस एन्जॉय कर रही थी. काका का लंड सुमन के बिलकुल सामने था. लंड सुमन के लिप्स को छूने के लिए बिलकुल तैयार था. सुमन की आँखें बंद थी, जिस कारण उसको लंड की कोई खबर नहीं थी. 

मसाज करते-करते काका का लंड एक बार सुमन के मुँह से टकराया, जिस कारण सुमन की आँखें खुली की खुली रह गयी इतना बड़ा तम्बू देख कर.अब ये देख कर सुमन की आग और बढ़ने लगी और काका का लंड उस आग में तेल का काम कर रहा था. काका को इस बात की खबर लग चुकी थी की सुमन काका के हथोड़े को ताड़ रही थी. वो अब जान-बूझ कर अपने लोडे को सुमन के मुँह के करीब ला रहे थे. 

फिर काका ने एक हाथ से सुमन की नाइटी थोड़ी सी ऊपर की और वो अपने हाथ को सुमन की गोरी-चिकनी पीठ पर ले गए. वो धीरे-धीरे हाथ फेरने लगे और मसाज करने लगे. सुमन की चुप्पी अब इस बात का सन्देश था, की सुमन ने अब पूरा मन बना लिया था अपने बुड्ढे नौकर काका से चुदाई करवाने का. ये सब देख कर मैं परेशान भी था और हैरान भी था की शरीर की आग एक औरत से कुछ भी करवा सकती है. फिर चाहे वो फूल की कली जैसी खूबसूरत औरत ही क्यों न हो जो अपने नौकर के लंड के लिए ये सब ड्रामा कर रही थी. 

अब मैं भी भूल चुका था की सुमन मेरी पत्नी थी और मुझे उसे रोकना चाहिए. रोकना तो क्या था, अब मैं भी ये सब ऑटोमेटिकली एन्जॉय करने लगा, सुमन की चुदाई भी देखना चाहता था. दूसरी और काका सुमन की मलाई जैसे शरीर पर अपने कठोर हाथ फेर रहे थे. वो अलग ही दुनिया में घूम रहे थे. इधर काका के लंड की स्मेल सीधे सुमन की नाक से उसकी चूत तक पहुँच रही थी और उसको मदहोश कर रही थी. 

काका की धोती से काका के 10 इंच के काले और लम्बे लंड के दर्शन साफ़-साफ़ सुमन कर पा रही थी. अब काका की धोती आगे से गीली होनी शुरू हो गयी थी. लंड की स्मेल सुमन की बर्दाश्त से बाहर हो रही थी. सुमन अब भूल चुकी थी की वो एक हाई प्रोफाइल लड़की थी जो पूरा ऐटिटूड रखती थी. आज वो लड़की काका से चुदने के लिए तैयार थी.

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