फायज़ा पाकीज़ा से बनी रांड 1

Desi muslim wife ki chudai kahani hindi:- दोस्तों कहानी का नाम पढ़कर ही आपको अजीब लग रहा होगा… अजीब तो मुझे भी लगा था जब फायजा मुझसे ट्विटर पर मिली थी और अपनी दास्तान मुझे बताई थी… ब्लैक वीडियो क्लिप में रिकॉर्ड कर अपनी आवाज़ में जो वो दास्तान बताई अपनी तो एक सेक्स स्टोरी राइटर होते हुए भी मैं सुनकर अवाक था… फायजा की ही रिक्वेस्ट पर उसकी कहानी उसी की ज़ुबानी में मैं आप सब के सामने रख रहा हूँ… घटना हालत सब कुछ वही है जो एक पाकीज़ा से रंडी बनाने तक का फायजा का सफ़र है बस क़लम मेरे हैं…..

Desi muslim wife ki chudai kahani hindi

मैं फायजा कराची पाकिस्तान से हूँ उम्र 28 साल एक बच्चे की अम्मी हूँ मेरे शौहर मदरसे में पढ़ाते हैं… सोचती हूँ कहानी अपने बचपन से शुरू करूँ तो आपको मुझे और मेरी कहानी अच्छी से समझ में आएगी… मैं एक ऐसे परिवार में पैदा हुई जहाँ हर कोई 5 वक़्त नमाज़ पढ़ता था घर की औरत बिना नक़ाब के ग़ैर मर्दों के सामने भी नहीं आती थी…. मेरी अम्मी की अम्मी का जन्म हिंदुस्तान में हुआ था पर वो मेरे नाना के साथ निकाह करके पाकिस्तान में आ गई थीं इसलिए हम अब पाकिस्तानी हैं…. बचपन से कब जवान हुई ये मुझे पता भी नहीं चला क्योंकि मैं मदरसे तक ही कुछ उर्दू भर पढ़ी फिर अब्बू ने घर से बाहर निकलना तक रोक दिया इसलिए जवानी क्या होती है इसका ज़्यादा इल्म मुझे नहीं था…. 19 साल की होते-होते मेरे अब्बू ने मेरी निकाह कर दी मैं भी खुशी-खुशी अपने शौहर काशिफ़ के साथ कराची आ गई…

दुल्हन के रूप में जैसे ही ससुराल आई मेरी छोटी ननद शब्बो बड़े प्यार से मेरे पास आकर घर के सब लोगों के बारे में बताई… शब्बो जो 15 साल की थी उससे ही मुझे पता चला घर में मेरी सास मेरे शौहर और एक उनका बड़ा भाई फ़ैसल जिनकी बीवी का इंतक़ाल हो चुका है और फिर से निकाह नहीं कराना चाहते… मतलब कुल मिलाकर घर में हम केवल 3 लोग ही थे…. धीरे-धीरे शाम हुई फिर रात मैं अपने कमरे में बैठकर आने वाले पल का इंतज़ार करने लगी.. तभी मेरे शौहर काशिफ़ आए… उफ्फ सच में शौहर को पहली बार ध्यान से देख रही थी मैं एकदम गोरा सुंदर.. जिस्म तो नॉर्मल ही था पर कोई भी लड़की उन्हें देख एक नज़र में प्यार कर सकती थी आख़िर वो हैं ही इतने सुंदर…

उन्हें देख मैं अपनी क़िस्मत पर खुश हो गई और शरम से सिर नीचे किए हुए ही बैठी रही.. वो जैसे ही पास आए मेरा कलेजा धड़क उठा क्योंकि कुछ सहेलियों से सुहागरात की बातें मैं सुन चुकी थी हर लड़की की तरह मेरे जिस्म में भी सिहरन के साथ-साथ एक अनजान भय भी था…. धीरे-धीरे वो मुझे अपनी बाँहों में कसाते हुए प्यार की बातें करने लगे अपने घर और परिवार के लोगों के बारे में बताते चले जा रहे थे जिससे मेरे मन भी अब डर लगभग खत्म हो चला था सच्ची मैं बहुत खुश थी कि मुझे प्यार करने वाला इतना अच्छा और इतना सुंदर पति मिला था….. और जैसे ही वो मुझे घुमाकर मेरे ऊपर आए मैं भी उन्हें स्माइल देकर अपनी बाँहों में कस ली……

काशिफ़ मेरे गुलाबी होठों को चूसने लगे एस्स्स्स्स्स्श्ह्ह… वो मेरे होठों को बुरी तरह से चूस रहे थे मेरे जिस्म में भी एक अजीब हलचल होने लगी मेरे दोनों हाथ खुद-ब-खुद उनकी पीठ पर बंध गए…..

एस्स्स्स्स्स्श्ह्ह काशिफ़ उफ्फ क्या कर रहे हैं आप उईईईएस्स्स् पता नहीं मुझे कुछ हो रहा है आआआआआआआह्ह्ह

वो स्माइल देते हुए बोले… वही जो एक शौहर अपनी बेगम के साथ करता है फायजा….

बोलने को तो काशिफ़ ने इतना बोल दिया पर काश काशिफ़ को ये बात पता होती…. ऐसा मैं क्यों बोल रही हूँ ये बात आप आगे चलकर खुद-ब-खुद समझ जाएँगे….

जैसे ही काशिफ़ ने मेरी कमीज़ को ऊपर कर मेरे दोनों बड़े-बड़े बूब्स को ब्रा से आज़ाद किया मैं शरम से अपनी दोनों आँखें बंद कर ली…

ओओओओउउउउच्च्च्ह काशिफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ एस्स्स्स्स्स्श्ह्ह… मेरे बूब्स को बारी-बारी से वो बुरी तरह से मसल-मसल कर चूसते जा रहे थे पहली बार कोई मर्द मेरी चुचियों को मसल रहा था मेरे जिस्म में आग लगाने लगी मैं भी मस्ती में आकर अपने दोनों हाथों से उनके सिर को पकड़ अपनी चुचियों पर दबा-दबा कर अपनी चुची चूसवाना लगी उफ्फ एक अजीब नशा मुझ पर छा रहा था… कुछ देर मेरी चुचियों को चूसने के बाद वो सीधा हुए मेरी सलवार का नाड़ा जैसे ही उन्होंने पकड़ा…. नहींईईईईईई उफ्फ्फ़ काशिफ़ मुझे शरम आ रही है प्लीज़ लाइट बंद कर दीजिए ना…

बिल्कुल नहीं तुम्हारी ख़ूबसूरत जिस्म को मुझे देखना है फायजा….. इतना बोल मैं मेरे रोकने के बावजूद भी उन्होंने झटका देकर सलवार की डोर खोल सलवार नीचे करानी शुरू कर दिए… मैं शरम से आँखें बंद किए हुए ही पड़ी रही पर अपनी कमर उठाकर उन्हें खोलने में मदद की…. सलवार खोल मेरी गाँड के नीचे अपनी हथेली लगा मेरी गाँड को ऊपर उठाने का इशारा दिए तो मैं अपनी गाँड ऊपर उठा दी तब मुझे लगा कि उन्होंने मेरी गाँड के नीचे तकिया लगाया है… उफ्फ मेरी गोरी कुँवारी कमसिन चूत उनके आँखों के सामने थी…..

कुछ देर अपनी जिस्म पर कुछ हरकत न पाकर मैं धीरे से आँख खोली कि आख़िर हुआ क्या काशिफ़ कहाँ गए? और जैसे ही मेरी आँख खुली…. काशिफ़ अपना पजामा और अंडरवियर खोल चुके थे एस्स्स्स्स्स्श्ह्ह पहली बार किसी मर्द का लंड मेरे आँखों के सामने था.. मैं धीरे-धीरे पूरी आँखें खोल दी काशिफ़ मेरे दोनों टाँगों के बीच अपने घुटने के बल बैठ अपने लंड को सहला रहे थे मैं तो बस उत्सुकता से उनके लंड को ही देखे जा रही थी… एकदम गोरा ऊपर किसी छोटे टमाटर की तरह गोल पर गुलाबी और मेरी बीच वाली उँगली जितना मोटा और लंबा था…. अब तक मैं कभी लंड देखी नहीं थी उस वक़्त न एंड्रॉइड था न ही इतना इंटरनेट इसलिए पोर्न मूवीज़ के बारे में भी मुझे कुछ नहीं पता था.

मर्द का लंड कैसा होता है? चुदाई कैसे होती है ये सब तो मुझे बाद में पता चला जब हिंदुस्तान आई और लंड का सामना किया…. (वो सब आप सबको धीरे-धीरे मेरे आगे की दास्तान में पता चलेगा फ़िलहाल तो यही देखें आगे क्या हुआ) काशिफ़ ने जैसे ही अपना लंड मेरी चूत की मुँह पर रखा मैं काँप गई… हाय ,.’ अब ये क्या कराने वाले हैं? पर जब तक मैं कुछ सोचती काशिफ़ मेरे ऊपर लेट गए और मेरे गुलाबी होठों को चूसने लगे…

आआआआआय्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य एस्स्स्स्स्स्श्ह्ह काशिफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ वो इस क़दर मेरे होठों को चूस रहे थे कि मैं मदहोश होने लगी मैं भी उन्हें अपनी बाँहों में कसकर अपने होठों को पूरा उनके मुँह में देती जा रही थी उफ्फ एक अलग ही मुझे मज़ा आ रहा था मेरी साँस तेज़ हो चली थी तभी मुझे ऐसा लगा कि नीचे मेरी चूत में कुछ घुसा है.. बस ये एहसास भर ही हुआ और काशिफ़ मेरे होठों को चूसते अपनी कमर थप-थप थपा-थप मारने लगे…. उनकी इस हरकत से मैं भी मदहोश होकर नीचे से अपनी कमर उठा-उठा कर जैसे ही उनका साथ देना शुरू की……. मुझे ऐसा लगा कि कुछ गरम मेरी चूत में गिर रहा है… काशिफ़ को देखा तो वो रुककर तेज़ी से साँस ले रहे हैं…

मैं उन्हें कसकर अपनी बाँहों में कसाते हुए नीचे से अपनी कमर उछालने लगी पर अब तो सब कुछ ढीला पड़ गया था चूत में लंड घुसा हुआ है कि नहीं मुझे तनिक भी महसूस नहीं हो रहा था….. मेरी हालत बहुत ही ख़राब हो चुकी थी ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत के अंदर कुछ काट रही है मैं अपने पैरों को बिस्तर पर रगड़ने लगी तभी काशिफ़ मेरे ऊपर से हटकर मेरे बग़ल में लेट गए…. मैं अपनी दोनों आँखें बंद कर वैसी ही पड़ी रही कुछ ही देर में काशिफ़ की खर्राटे की आवाज़ सुन मैं समझ गई वो सो गए… उनके तरफ़ घूम मैं भी उनसे लिपटकर सो गई…..

सुबह आँख खुली तो देखा काशिफ़ मुझसे पहले ही उठकर मेरे लिए चाय का कप लेकर मुझे जगा रहे हैं… उफ्फ ऐसा पति पाकर कौन बीवी खुश नहीं होगी.. चाय का कप लेकर टेबल पर रख मैं उनसे लिपट गई…. आई लव यू काशिफ़… पहली बार मेरे मुँह से ये शब्द निकला था किसी के लिए… मैं खुद को क़िस्मत वाली समझने लगी आख़िर इतना गोरा सुंदर ऊपर से इतना प्यार करने वाला पति किसको मिलेगा……. और हम दोनों की ज़िंदगी अच्छे से गुज़र रही थी बस ना जाने क्यों मेरी चूत हमेशा गीली रहती थी… काशिफ़ अब डेली-डेली करते भी नहीं थे कुछ पर मुझे ऐसा लगता था कि कोई ज़बरदस्त चीज़ अपनी चूत में घुसा लूँ लेकिन क्या ये मेरे समझ के बाहर थी…. ऐसे ही हम दोनों की ज़िंदगी गुज़रने लगी धीरे-धीरे एक साल कब गुज़र गया पता ही नहीं चला….

उस दिन काशिफ़ के मामू की लड़की की मेहंदी थी हम सब को शाम को वहाँ जाना था जो हमारे घर से 62 KM की दूरी पर था..

ठीक समय से हम सब लोग तैयार हो गए जेठ जी बाहर कार में हमारा इंतज़ार कर रहे थे अचानक ही मुझे सु-सु का एहसास हुआ तो मैं जल्दी-जल्दी टॉयलेट में घुसी कि धड़ाआआआक्क्क्क्क्क्क्क्….. जल्दी-जल्दी के चक्कर में मेरा पैर ज़मीन पर पड़े साबुन पर चला गया और मैं फिसलकर गिर पड़ी ओओओओउउउउच्च्च्ह उईईईईईईईईईईईईईई अम्मीईईईईईईईईईईईईईई

मेरी चीख सुन काशिफ़ दौड़कर आए मुझे गिरा देख सहारा देकर खड़ा किए और धीरे-धीरे हॉल में लाकर सोफ़े पर सुलाए.. सबको पता चल ही चुका था कि साबुन पर पैर पड़ने के कारण मैं फिसल पड़ी….. मैं अम्मी और काशिफ़ को काफ़ी मुश्किल से समझा पाई कि आप सब चले जाओ मैं अकेली रह लूँगी…. काफ़ी बहस के बाद वो सब जाने को तैयार हुए फिर अम्मी प्यार से मेरे माथे को चूमकर बोलीं… हम बाहर से दरवाज़ा लॉक कर देते हैं और आधी रात से पहले ही हम सब वापस आ जाएँगे फिर भी अगर कुछ अर्जेंट बात हुआ तो फ़ोन कर देना (उस वक़्त हमारे घर में लैंड लाइन थी केवल) मामू के घर का नंबर है ना? मैं हाँ में सिर हिला दी उसके बाद सब लोग चले गए बाहर से दरवाज़ा भी लॉक कर दिए….

मेरी कमर में हल्का-हल्का दर्द था मैं वैसे ही सोफ़े पर पड़ी-पड़ी कब सो गई पता ही नहीं चला…..

मैं सपने में खोई थी काशिफ़ मेरे जिस्म के ऊपर थे और मेरी नाज़ुक जिस्म को अपने जिस्म से मसल रहे थे उफ्फ मैं नींद में ही कसमसा रही थी कि मुझे लगा सच में मेरे जिस्म पर कोई है और अचानक से जैसे ही आँखें खोली…????????? मेरी आँखें फट गईं मैं उसके चेहरे को देख डर गई उसकी लाल-लाल आँखें उफ्फ और मैं चीखकर पूरी ताक़त से उसे ज़बरदस्ती पीछे की तरफ़ धक्का दी वो हल्का सा पीछे हुआ कि मैं उसके चंगुल से जैसे ही भागने की कोशिश की वो पीछे से मेरे बालों को पकड़…. भाग कर आख़िर कहाँ तक तू जाएगी फायजा इस वक़्त घर में तेरी चीख सुनने वाला मेरे सिवा कोई भी नहीं है.

aage kya hua padhe agle part me

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