बेटी बहु और सब्जीवाला की चुदाई 1
Beti aur bahu ko sabzi wala ne choda:- Dosto, ye Tiwari parivaar ki ek bahut hi bold desi hindi sex story hai — part 1. Jo log sex story hindi me padhna pasand karte hain, unke liye ye kamuk kahani ek zabardast adult hindi story hai. Ye family sex story hindi kahani ke deewanon ke liye likhi gayi hai, poori hindi kahani end tak padhein.
ये कहानी है एक काफी सीधी-सादी परिवार की जो काफी पैसे वाला है। और उनकी सोसाइटी में बहुत इज्जत है। तिवारी परिवार की ये कहानी है।
Beti aur bahu ko sabzi wala ne choda hindi sex story
जयकांत तिवारी – ये घर का मुखिया है। यानी सबसे बड़ा और इज्जतदार मेंबर। वो एक जाना-माना बड़ा बिजनेसमैन है और पॉलिटिक्स में है। तिवारी द किंग मेकर। बिजनेस मतलब खेती का।
जयकांत की उम्र 60 साल है। साला उसकी जवानी में काफी रंडीबाज था।
अपने खेत में काम को आई हुई औरत हो, या कोई जवान बिन ब्याही बेटी हो, मौका मिलते ही वो खेत में ही पटक कर चोद देता था। उसकी जवानी बड़ी ज़बरदस्त तरीके से गुजरी थी। लेकिन वो काफी ध्यान रखता था, अपने घर की औरतों पे, चाहे वो उसकी बेटी हो, या फिर उसकी बहू।
उनको बाहर जाने-आने को पूछना पड़ता था। साड़ी पहनकर, पल्लू से मुँह छुपाकर आना-जाना पड़ता था। पराये मर्द या कोई सब्जी वाले कभी-कभी उसकी बेटी या बहू को देखते तो उसको गुस्सा आता था। और वो जो कोई देखता उसको पकड़ कर पीटने लगता था।
लेकिन ये सब अब वो नहीं कर पाता।
सच तो ये है कि उसकी नज़र उसकी बहू पे है, जो काफी माल है। लेकिन घर में उसकी बेटी वापस आने से उसको मौका नहीं मिलता।
ऊपर से जबसे जयकांत टॉयलेट में पैर फिसल के गिर गया है, तबसे वो चल नहीं पाता। व्हीलचेयर पे रहता है।
मालिश के बहाने वो कभी-कभी श्वेता को बुलाता है। लेकिन श्वेता अब उसको भाव नहीं देती, क्योंकि अब तक काफी घुट-घुट कर उसने ज़िंदगी जी थी।
शुभम तिवारी – श्वेता का पति, जिसको बहुत ज़्यादा नशे का शौक था। और वो नशे में रहने से काफी पैसा उड़ा देता था। लेकिन रात को वो बिस्तर पे श्वेता को बिना चोदे ही सो जाता था। शुरू-शुरू में कभी-कभी उनका संभोग होता था। लेकिन अब 4 साल से श्वेता की चुदाई नहीं हुई है। और वो भी बाहर कहीं मुँह नहीं मारती।
श्वेता शर्मा – शुभम की बीवी। काफी सीधी-सादी, पाठ करने वाली। गुस्सा और एटीट्यूड बहुत अपनी खूबसूरती पे। लेकिन अंदर ही अंदर सेक्स के लिए तड़प रही थी। लेकिन पति से प्यार भी है, और धोखा भी नहीं देना चाहती।
अमृता – शुभम की बहन। 33 साल की जवान खूबसूरत डांसर और टीचर थी, प्राइवेट कोचिंग वाली टीचर। लेकिन पति ने उसको छोड़ दिया तो अब वो भी बाप जयकांत के यहाँ वापस आके रहने लगी है। इसको अपनी भाभी यानी श्वेता से थोड़ा गुस्सा था वही प्रॉपर्टी का चक्कर। लेकिन उसके पास अब श्वेता की बातें सुनने के सिवा कोई ऑप्शन नहीं था। ऊपर से पति से दूर होना, वो भी शादी के 1 महीने बाद। उसकी तो सही से सुहागरात भी नहीं हुई होगी।
अब आते हैं 2 कैरेक्टर पे, जो ये कहानी को सीधी-सादी से रंडीबाज़ी की ओर कैसे ले जाते हैं।
किराएदार – 1
माल्विका – ये एक प्राइवेट बैंक ICICI में पीओ है। और ये तिवारी परिवार के यहाँ किराएदार है, क्योंकि ये एक अच्छे परिवार से आती है, तो इनको किराएदार रख लिया था, जयकांत ने। दूसरा रीज़न ये भी था कि ये एक हाई क्लास वाली लड़की थी, योगा, एक्सरसाइज़ करती थी, और दिखने में काफी सेक्सी थी।
किराएदार 2 –
वाणी – सॉफ्टवेयर इंजीनियर। माल्विका की कॉलेज फ्रेंड। और इसको सब होना, दारू, लंड, चूत यानी थ्रीसम लेकिन कभी मिला नहीं, अब तक।
अब मेन विलेन –
अब्दुल – उम्र लगभग 60 साल का। वो एक कसाई और सब्जी वाला था। पूरा काला। 60 की उम्र में भी लगता था 40-45 का आदमी है। पूरे बदन पे बाल। ऊपर से काफी शराबी भी था। और औरत को जलील करना, उसकी इज्जत उतारना, उसको काफी पसंद था।
एक बार उसको जयकांत ने मार्केट में बहुत पीटा था। लेकिन उसको पता नहीं था कि जयकांत के यहाँ इतना सारा माल है। ये पुरानी बात है।
अब्दुल की बीवी अब अब्दुल के साथ नहीं रहती, क्योंकि अब्दुल उसकी बीवी, बीवी की बहन और बेटी जो 18 साल की थी, तीनों को रात भर रस्सी से बांधकर एक-एक करके चोदता था। उसने अपनी बेटी को भी नहीं छोड़ा। उसकी चूत में पहला लंड अब्बू का गया। आप समझ सकते हो, अब्दुल कितना बड़ा चुदक्कड़ आदमी था।
अब कहानी में एक ट्विस्ट आता है। जयकांत के यहाँ अब पैसों की तंगी होने लगती है। और इसलिए बहू श्वेता और बेटी अमृता उनके दिल्ली वाले घर जाके उनका ब्यूटी पार्लर का बिज़नेस शुरू करना चाहती हैं। और ना चाहते हुए जयकांत उनको जाने देता है। शुभम वहीं रहता है, क्योंकि दिल्ली में उसको सस्ता नशा नहीं मिलने वाला था।
उस दिन की बात है।
जब बहू श्वेता और जयकांत की बेटी अमृता दिल्ली के लिए जा रहे थे।
उधर से अब्दुल आ रहा था। जयकांत को व्हीलचेयर पे देखकर उसको खुशी होती है। लेकिन उससे भी ज़्यादा खुशी तब होती है, जब उसको पता चलता कि ये साले तिवारी परिवार के घर की बहू और बेटी हैं।
हालाँकि उनका गाँव दिल्ली से 60 km पे ही था।
और अब्दुल भी आजकल दिल्ली में ही सब्जी बेचता था।
दिल्ली में श्वेता का घर एक अंडर डेवलपमेंट सोसाइटी के पीछे था। सुनसान एरिया। और ना सड़क सही थी, ना स्ट्रीट लाइट। आजू-बाजू घर थे लेकिन काफी दूर-दूर। और उनके घर के पीछे एक नाला था।
श्वेता का वहाँ खुद का एक अंडर कंस्ट्रक्शन वाला घर था, लगभग 5000 स्क्वायर फीट का। घर के पीछे से तार का कंपाउंड था। क्योंकि पीछे गंदा नाला था, गटर वाला, तो काफी सूअर भी थे वहाँ। नाले को लगकर एक बड़ा स्टोर रूम टाइप हॉल था। उसमें काफी पुराना कंस्ट्रक्शन का सामान पड़ा हुआ था। आगे से सब कुछ खुला था। काफी घास थी वहाँ, उनके पोर्च में।
कंस्ट्रक्शन बीच में ही बंद कर दिया था इसलिए पानी की पाइपलाइन और नल की फिटिंग नहीं हुई थी। तो नहाने को, या फिर टॉयलेट को घर के बाहर यानी टॉयलेट था लेकिन ओपन एरिया में। अगर रात को मूतने जाना हो तो ओपन एरिया से जाना पड़ता। इतना कुछ होने के बाद भी श्वेता और अमृता वहाँ रहने आईं, क्योंकि उनको वहाँ थोड़ा फ्रीडम मिलता अपने ससुर से और बाप से, बाप यानी अमृता का।
अमृता – भाभी अगर हम माल्विका और वाणी को भी यहाँ बुला लें तो हमें उनके दोस्त या फिर कॉन्टैक्ट से काफी कस्टमर और कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है ब्यूटी पार्लर के लिए।
श्वेता – ठीक है। बुलाते हैं लेकिन वो वाणी कुछ सही लड़की नहीं है। काफी बोल्ड है। कई बार मुझको पीछे से छूती है, पिछवाड़ा दबाती है।
7 दिन हो गए। थोड़ा घर सेटअप हो गया। और श्वेता मार्केट जाती है। किसी काम से तो आते वक्त वो सब्जी मार्केट में चली जाती है। वहाँ से सब्जी लेती है। और एक केले वाले के दुकान की तरफ जाने लगती है।
उस दिन श्वेता जल्दी-जल्दी में घर से बाहर निकल गई थी। तो नॉर्मल वो जब साड़ी पहनकर बाहर आती है, तो वो पेटीकोट के अंदर एक लेगी टाइप लॉन्ग पैंट जो घुटनों तक आती है, वो पहनकर जाती है, जिससे उसको चलने में कम्फर्टेबल हो। लेकिन आज वो साड़ी के अंदर सिर्फ पेटीकोट पहनकर आई थी, तो उसको चलने में प्रॉब्लम हो रहा था।
सब्जी मार्केट में केले वाले दुकान के बाजू में कुछ पत्थर पड़े हुए थे। रोड का काम चल रहा था।
श्वेता केले लेने जाती है। उधर एक इंसिडेंट होता है।
केले के ही दुकान पे अब्दुल खड़ा होता है। पसीने से भीगा बनियान और लुंगी पे। वो साला खुले मार्केट में बनियान उतारकर खड़ा होके केले खा रहा था। पूरा बदन पसीने से गीला था। साले ने 10-12 दिन से नहाया नहीं था। पीठ और पेट पे सब सफेद बाल थे जो कि पसीने से भीग गए थे।
इतने में श्वेता जल्दी-जल्दी चलते हुए उसकी सैंडल में साड़ी अटक कर श्वेता एकदम से ठोकर खाके सीधा अब्दुल के ऊपर चली जाती।
श्वेता – आह। माँ। और श्वेता का मुँह यानी जीभ सीधा अब्दुल के पसीने से गीली सफेद बालों वाली नाभि में चली जाती। उफ़। श्वेता के मुँह में अब्दुल के पेट का पसीना चला जाता। श्वेता की जीभ जैसे ही अब्दुल की नाभि को छू लेती अब्दुल का कड़ा होने लगता। अब्दुल भी श्वेता के कंधे को पकड़ कर बोलता है:
अरे संभल कर चलो बहू रानी पेली जाओगी भरे बाज़ार में। लगता है, प्यास लगी है, और पति इंतज़ार कर रहा।
श्वेता के होंठ पसीने से भीग गए थे। श्वेता थूकने लगती है। और बिना कुछ बोले वहाँ से जाने लगती है।
जाते वक्त अब्दुल की नज़र श्वेता की पीठ पड़ती है, जिसके लेफ्ट साइड से काली ब्रा बाहर आ गई थी।
अब्दुल – उफ़ ये शादीशुदा बड़े परिवार की औरतें मेरी कमज़ोरी हैं।
तभी अब्दुल के ध्यान में आता कि ये तो जयकांत तिवारी की बहू है। साली रंडी। देखो तो सही कहाँ रहती है।
अब्दुल श्वेता का पीछा करते हुए उसके दिल्ली वाले घर के पास जाता। वो वही घर था जिसके पीछे नाला था। वही अब्दुल सूअर का गोश्त काटता था। अब्दुल खुश हुआ। उसको जयकांत से बदला लेना था। लेकिन अब उसको जयकांत की बहू चोदनी थी।
अब्दुल गाँव चला जाता।
अब श्वेता की एक बेटी थी पलक 23 साल की जो इंजीनियरिंग कॉलेज में थी। वो सीधा गाँव जाती, बिना श्वेता को बताए और वहाँ से कॉल करके बोलती, माँ मैं दादाजी के पास आई हूँ।
श्वेता को दादाजी की हवस का पता था, तो वो पलक को काफी गुस्सा करती है। लेकिन काम के ऑर्डर की वजह से वो वहाँ नहीं जा पाती।
दूसरे दिन मार्केट में पलक का छोटा एक्सीडेंट हो जाता। सोचो किसके शॉप के पास। अब्दुल के सब्जी वाली शॉप के पास अब्दुल की गलती से पलक गिर जाती और स्कूटी खराब हो जाती।
पलक अब्दुल को दादाजी का नाम बोलके काफी डरा देती। और वहाँ से चली जाती।
अब अब्दुल को गुस्सा आ गया था। वो रात को जयकांत तिवारी के घर के पास जाके खड़ा रहता।
पलक को सोने से पहले नहाने का शौक था। और गाँव में बाथरूम ओल्ड टाइप थे और उनके घर पे ऊपर वाले फ्लोर पे बाथरूम को एक खिड़की थी।
जब छत पे पलक को रात को 9 बजे नहाने जाते देख अब्दुल कंपाउंड से छलांग लगाके जयकांत तिवारी के घर में घुस जाता। वहाँ पलक का बाप गांजा पी के बेहोश पड़ा था।
पलक नहाने के लिए अंदर जाती और अब्दुल पलक की नहाते वक्त एक-एक कपड़े उतारने से लेकर पूरी नंगी होकर उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लेता। अब्दुल का मन तो उसको वहीं पकड़ के चोदने का था। लेकिन अब्दुल काफी दरिंदा था। उसको मार्केट में हुई बेइज्जती का बदला लेना था। वो अब पलक को कहीं ले जाके अच्छे से चोदना चाहता था। उसके छोटे-छोटे बाल और टाइट चूत को देखकर वो पूरा पागल हो जाता। और वहाँ से चला जाता। जाते वक्त दीवार पे इसको श्वेता और पलक की एक तस्वीर दिख जाती।
अब्दुल – उफ़। ये इसकी बेटी है। क्या जैकपॉट लगा है। दोनों सालियों को रगड़-रगड़ के चोदूंगा।
वीडियो देख कर अब्दुल रात को 5 बार हिला लेता। और काफी ब्रूटल पोर्न देखता। उसको समझ नहीं आ रहा था कि पलक को कैसे ब्लैकमेल करूँ।
तब दूसरे दिन अब्दुल की दुकान के बाजू मोटर साइकिल रिपेयरिंग की शॉप थी। वहाँ पलक आती है, बाइक का काम करने के लिए।
वहाँ वो बाइक रखकर चली जाती। लेकिन लेकिन। वहाँ वो अपना मोबाइल नंबर देके जाती। और अब्दुल बड़े आराम से वहाँ से पलक का मोबाइल नंबर निकाल लेता। अब आगे क्या होगा। प्लीज़ कमेंट।
तो अब अब्दुल के पास पलक की नहाते वक्त की फुल न्यूड रिकॉर्डिंग है। अब्दुल तड़प रहा था। पलक का सील तोड़ने के लिए क्योंकि आज तक अब्दुल ने इतनी नाज़ुक, कोमल और कच्ची कली को नहीं चोदा था। और अब्दुल चुदाई का खिलाड़ी था। तो उसने पलक की चूत देखने के बाद समझ गया था कि ये साली वर्जिन है। सील पैक माल जो कभी-कभी उंगली करके मजे लेती होगी।
अब्दुल का अब काम में मन नहीं लग रहा था। उसको तो बस पलक की गुलाबी चूत नज़र आ रही थी। अपने गोश्त के दुकान पर काम करते हुए वो अपनी उंगली काट लेता पलक के बारे में सोच-सोच कर। मेरा 11 इंच का लंड उस सीधी-सादी परिवार की बेटी छिनाल की चूत को फाड़ देगा। अब्दुल पलक को चोदने का मूड बनाके काफी हार्डकोर पोर्न देखने लगता।
लेकिन अब्दुल कुछ कर नहीं पा रहा था। 3 दिन हो गए। अब्दुल तिवारी के घर के बाहर काफी राउंड मारने लगा लेकिन कुछ नहीं हो रहा था। पलक का जो मोबाइल नंबर उसको मिला वो पलक का बिज़नेस अकाउंट वाला नंबर था जिसपे व्हाट्सऐप नहीं था कि अब्दुल पलक को रिकॉर्डिंग भेजके ब्लैकमेल करके बुलाए। ऊपर से अब्दुल अभी भी जयकांत तिवारी से काफी डरता था। लेकिन लेकिन अब उसको एक रास्ता मिल जाता है, घर में घुसने का, वो भी सबके सामने, ना कि चोरी-छुपके।
उस दिन अब्दुल सुबह को अपनी सब्जी की लोड गाड़ी लेकर जयकांत तिवारी के घर के पास से गुजर रहा था। तभी अचानक उसको जमील दिखता है। जमील डॉ. रंगारी के यहाँ कंपाउंडर का काम करता है। वो जयकांत के घर से बाहर निकलते हुए अब्दुल को दिख जाता है। अब्दुल गाड़ी को वहीं छोड़कर जमील के पीछे जाके उसको पकड़ लेता है। और बोलता है:
अब्दुल – साले जमील तू उस घर में क्या कर रहा। भोसड़ीके। बता।
जमील – अरे वो बुड्ढा जयकांत तिवारी। गिर गया तो चल नहीं सकता। तो जाना पड़ता है। मालिश के लिए।
अब्दुल ज़ोर से जमील को एक थप्पड़ मारता और बोलता कि उसको बोल अब्दुल के पास एक दवा है, जिससे बदन में ज़ोर आ जाएगा।
जमील हाँ बोलके निकल जाता।
अभी 2 दिन हुए थे। अब्दुल को पलक एक भी बार नज़र नहीं आती।
उस दिन अब्दुल जमील को पकड़ कर एक पान देता है। और बोलता है कि जयकांत को खिला दे, दवाई समझ के।
जमील – क्या है इसमें?
अब्दुल – तेरी माँ को पूछ। जब मेरे से चुदवाती है। रात भर चूत कैसी लाल होती है। उसकी दवा है। साले जितना बोला उतना कर मादरचोद।
जमील वो पान लेकर रात को जयकांत की मालिश करने जाता और जाते वक्त वो पान जयकांत को खाने को देता और वो एक गलती कर देता कि जयकांत को अब्दुल का नाम बोल देता कि उसने वो पान दिया, जिससे काफी ताकत और बदन में गर्मी आती है।
रात को 10 बजे अब्दुल कंपाउंड के ऊपर से छलांग लगाके तिवारी के घर में घुस जाता।
अब रात के 10 बजे अब्दुल दीवार से जयकांत के घर में घुस जाता है। और पहले तो वो पूरा घर देखता। साला कोई नहीं है। फिर वो जयकांत के मुँह पर 2-3 थप्पड़ मारता। और पानी के ग्लास में मूतने लगता। जयकांत पूरा नींद में था।
तभी अब्दुल ऊपर जाके देखता है कि पलक अपने रूम में कपड़े चेंज कर रही है। उसने सिंगल स्ट्रिप वाली ड्रेस पहन रखी थी। और अब्दुल पीछे से उसको देख रहा था। अब पलक ने एक येलो कलर की साड़ी निकाल कर ड्रेस निकालना शुरू ही किया कि तब एकदम से एक आवाज़ आती है।
तभी अचानक बाहर से आवाज़ आती, पलक जल्दी चलो। टाइम हो रहा है।
अब्दुल एकदम से दीवार के पीछे छुप जाता है। और वहाँ से येलो कलर की सेक्सी साड़ी में पलक बाहर निकल के आती। और दरवाजे से अंदर पलक की दोस्त साक्षी मलिक आती। उफ़। पलक की दोस्त तो काफी सेक्सी और मॉडर्न होती है।
साक्षी पलक को बोलती है, चलो यार शादी में डीजे पे नाचना है। और साक्षी बोलती मुझे गांजा पीना है आज।
साक्षी पलक की नोएडा वाली एकदम रिच और हाई क्लास दोस्त है, जिसको सिगरेट और देसी गांजे की ज़रूरत होती है।
दोनों बाहर जाती हैं। और बातें करने लगती हैं। उनकी बातें अब्दुल सुन लेता है। और तभी साक्षी बोलती है पलक को:
यार कुछ भी करो मुझे नशा कर दो देसी गांजे का।
अब्दुल खुश हो जाता है कि सालो ये गोरी-चिट्टी छिनाल अब मेरा काम करेगी अगर मैं इसको गांजा दे दूँ। मेरा बस चले दोनों को एक साथ चोदूँ। दोनों का सील तोड़ूँ।
तब वो ऊपर पलक के रूम में जाता। वहाँ वो पलक की सब निक्कर और ब्रा को अपने हाथों से छूकर पलक की साइज़ को महसूस करता। और बाद में एक लाल कलर की निक्कर में वो हिला के अपना माल गिरा देता।
कुछ देर बाद उसकी नज़र कबर्ड में पड़ी। बड़ी ब्रा और सिंगल स्ट्रिप निक्कर पे जाती है। वो श्वेता की अंडरवियर और निक्कर होती है। ब्रा का साइज़ देखकर अब्दुल और पागल हो जाता है। वो अब पलक की ब्रा रखकर श्वेता की ब्रा साथ ले जाता है। और वहाँ से निकल जाता।
अब्दुल की हवस और तेज़ी से बढ़ रही थी। दो दिन बीत गए। ना पलक अब्दुल को दिखी ना साक्षी।
अब आते हैं श्वेता की तरफ।
2 दिन बाद की बात, आज रात को श्वेता और वाणी दोनों ही घर पे थीं।
अमृता और माल्विका को कोई ऑर्डर था ब्यूटी पार्लर का। वो दोनों रात भर नहीं आने वाली थीं। जैसे मैंने पहले बोला माल्विका एक सीधी-सादी टाइप की लड़की थी जो बैंक में थी। और अब अमृता और श्वेता को हेल्प कर रही थी।
लेकिन जो वाणी थी, वो काफी मॉडर्न, हॉट एंड बोल्ड लड़की थी। और उसकी काफी फैंटेसी थी। उसमें से एक फैंटेसी थी, श्वेता तिवारी। वाणी को श्वेता काफी पसंद थी। क्योंकि श्वेता तिवारी चीज़ ही ऐसी थी। एकदम मिल्फ मोड सीधी-सादी शादीशुदा औरत। जब भी वो कोई मॉडर्न साड़ी पहनकर रखती है, जिसमें उसकी कमर की मोटी गोल नाभि और पीछे से उसकी बैकलेस पीठ, ब्रा के स्ट्रिप्स के निशान उसके बैकलेस पीठ पे दिखाई देते हैं, जब वो स्ट्रैपलेस ब्रा पहनती है, जिसमें डायरेक्ट पीछे से हुक होती है।
वाणी जब-जब मौका मिलता तब-तब श्वेता को कहीं ना कहीं छू लेती थी। आज एकदम गर्मी का मौसम था। मतलब बारिश आने से पहले जो गर्मी होती है, ना वो।
और श्वेता घर पे काफी देर रात को आती है। और एकदम नहाने चली जाती है। वो पसीने से पूरी तरह से भीगी हुई थी। एकदम गीली हो चुकी थी। उसकी ग्रीन साड़ी में उसकी निक्कर जो उसके चूत को एकदम चिपक गई थी।
हुआ ये था कि शाम के 6:45 हुए थे। आज श्वेता थोड़े आउटसाइड एरिया में गई थी। ऑर्डर बड़ा था इसलिए वो वहाँ चली गई। वो एकदम स्लम एरिया था। अपना काम खत्म करके श्वेता बस स्टॉप पे खड़ी वेट कर रही थी, बस आने का। ऊपर से मौसम ऐसा था कि मानो श्वेता पसीने से पूरी तरह से भीग गई थी। ऊपर से उसकी वो स्ट्रैपलेस ब्लाउज और ग्रीन यानी हरी नेट वाली साड़ी।
उस स्टॉप पर श्वेता के अलावा 4-5 औरतें और थीं, जो कोई ऑयल या फिर कचरा डिपो के काम करने वाली थीं।
श्वेता को पीछे से 7-8 लोग काफी घूर रहे थे। और पूरी नज़रों से उसको नंगा करके चोद रहे हैं ऐसा श्वेता को लग रहा था।
एक बस आती है। वो एकदम से फुल हो जाती है। और श्वेता उस बस में बैठ नहीं पाती। और वो बस चली जाती है। अब स्टॉप पे बस एक औरत थी। वो 4-5 लोग जो श्वेता को घूर-घूर के देख रहे थे।
श्वेता अपनी साड़ी के पल्लू से अपनी पीठ और गांड को कवर कर रही थी। लेकिन उसके उसका डीप क्लीवेज दिखाई देने लगते थे। आज श्वेता गलत दिन पे गलत साड़ी पहनकर आती है।
अब वहाँ अपना काम खत्म करके एक 2nd ऑटो देखने के लिए अब्दुल आता है। और उसका मोबाइल उस वक्त स्विच ऑफ हो जाता है। और वो भी बस से वापस जाने का सोचता है।
तभी उसको श्वेता तिवारी दिख जाती है और अब्दुल के मुँह में पानी आ जाता है।
तभी एक और बस आती है, लास्ट बस, जो आगे से फुल भरी होती है। तो वो 4-5 आदमी, 1 औरत और श्वेता उस बस में घुसने लगते हैं। और बस निकलने वाली थी तब एकदम जहाँ श्वेता का हाथ होता है, जिसपे श्वेता ने पकड़ रखा था, उसपर एकदम से एक काला हाथ आ जाता है। श्वेता के सामने आदमी थे, आजू-बाजू आदमी थे। और कोई श्वेता को पीछे से ज़ोर का झटका मारके गाड़ी में अंदर दबोच देता है। श्वेता का हाथ अब्दुल के हाथ के नीचे आ जाता और दूसरे हाथ से श्वेता कहीं तो कुछ पकड़ लेती है। और एकदम पीछे से श्वेता की गांड को ज़ोर का झटका लगता है। और श्वेता सामने वाले शराबी आदमी के मुँह के पास अपना मुँह जाती है। और अब्दुल श्वेता के दोनों हाथों के ऊपर अपने हाथ रखके खड़ा होता है, उसके पीछे। बस चलने लगती है।
रास्ते में एक्सीडेंट होने के कारण बस यू-टर्न लेके खराब रस्ते से अब जाने वाली थी। और श्वेता फंस गई थी। पसीने से गीले, बदबूदार आदमी उनके बीच ऊपर से उसकी वो मॉडर्न साड़ी। और अब्दुल उसके चिपक के उसके पीछे खड़ा था। कंटिन्यू क्योंकि सफर लंबा है। और रास्ता खराब। झटके काफी आए। और लगेगी भी। अब देखना दिलचस्प होगा। कौन श्वेता की सवारी करेगा बस में। चुदेगी तो नहीं होगी। लेकिन अच्छे से दबाई होगी।
वेट फॉर नेक्स्ट अपडेट। बस का ब्रेक लगा कि श्वेता का पिछवाड़ा दबा। अब्दुल की बाइक श्वेता के गैराज में घुसेगी। नहीं तो सामान वाला आदमी श्वेता के हॉर्न बजाएगा दोनों हाथों से दबाके। सो वेट फॉर इरॉटिक हॉट सफर।
